कमरा व शक्षिकों की कमी से छात्रों को हो रही परेशानी

Updated at :01 Nov 2015 6:46 PM
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कमरा व शक्षिकों की कमी से छात्रों को हो रही परेशानी

कमरा व शिक्षकों की कमी से छात्रों को हो रही परेशानी फोटो-01चित्र परिचय:उच्च विद्यालय बड़हिया फोटो-02चित्र परिचय:नवोदय विद्यालय बड़हियाप्रतिनिधि, लखीसरायउच्च विद्यालय बड़हिया के एक भाग में जवाहर नवोदय विद्यालय व दूसरे भाग में इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय बड़हिया संचालित हो रहा है. जिससे दोनों विद्यालयों में कमरा की कमी से पठन-पाठन में परेशानी हो रही […]

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कमरा व शिक्षकों की कमी से छात्रों को हो रही परेशानी फोटो-01चित्र परिचय:उच्च विद्यालय बड़हिया फोटो-02चित्र परिचय:नवोदय विद्यालय बड़हियाप्रतिनिधि, लखीसरायउच्च विद्यालय बड़हिया के एक भाग में जवाहर नवोदय विद्यालय व दूसरे भाग में इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय बड़हिया संचालित हो रहा है. जिससे दोनों विद्यालयों में कमरा की कमी से पठन-पाठन में परेशानी हो रही हैं. इससे विद्यालय में पढ़नेवाले बच्चे भी परेशान हैं. फिर भी जिला प्रशासन जवाहर नवोदय विद्यालय के निर्मित भवन में विद्यालय को शिफ्ट नहीं कर रहे हैं. जिले के बड़हिया नगर पंचायत में अवस्थित उच्च विद्यालय की स्थापना वर्ष 1912 में की गयी थी. विद्यालय में चतुर्थ वर्ग से लेकर दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती थी. यहां खेल मैदान, भवन, छात्रावास आदि की सुविधा उपलब्ध थी. इस विद्यालय से सैकड़ों विद्यार्थी वैज्ञानिक, इंजीनियर, चिकित्सक व पदाधिकारी बने. जिसके कारण यह विद्यालय मुंगेर के बाद चर्चित विद्यालय माना जाता था. सरकारीकरण के बाद विद्यालय की पढ़ाई की गुणवत्ता में गिरावट आनी शुरू हो गयी. वर्ष 1990 के बाद विद्यालय में पठन-पाठन की गुणवत्ता में गिरावट के साथ ही उत्कृष्ट शिक्षक भी सेवानिवृत होने लगे. शिक्षकों की कमी से पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हुई जिसके परिणाम स्वरूप यह सिलसिला वर्ष 2005 तक चला. वर्ष 2006 से शिक्षकों के नियोजन के बाद पठन-पाठन में थोड़ा सुधार हुआ. विद्यालय को राज्य सरकार ने इंटर स्तरीय विद्यालय में उत्क्रमित कर दिया. वर्ष 2006 में ही इस विद्यालय के एक भाग में जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना कर दी गयी. जिससे विद्यालय में कमरा, क्रीड़ा मैदान, छात्रावास आदि का अभाव हो गया. साथ ही प्राइमरी सेक्शन को समाप्त कर दी गयी. अब इस विद्यालय में कक्षा नौ से 12 तक की पढ़ाई होती है. जिसमें कुल मिला कर 500 छात्र-छात्रा विद्यालय के पांच कमरे में पठन-पाठन का कार्य करते हैं. 11 वीं वर्ग में मात्र एक ही शिक्षक हिन्दी विषय के घनश्याम कुमार हैं. शेष विषयों में एक भी शिक्षक नहीं हैं. यहां 117 छात्रों का नामांकन है. शिक्षक व कमरे के अभाव में इन छात्रों का जीवन अंधकारमय होता जा रहा है. शिक्षक घनश्याम कुमार ने बताया कि शिक्षक व कमरा के अभाव में छात्रों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है. फिर भी प्रयास रहता है कि बच्चों का वर्ग बाधित न हो. क्या कहते हैं प्रभारी प्राचार्यप्रभारी प्राचार्य रामाकांत सिंह ने बताया कि विद्यालय के एक भाग में जवाहर नवोदय विद्यालय संचालित होने से इस विद्यालय में कमरे का अभाव हो गया है. 11 वीं कक्षा के लिए शिक्षकों की कमी की जानकारी डीइओ को दे दी गयी है. क्या कहते हैं डीइओडीइओ त्रिलोकी सिंह ने इस संबंध में बताया कि जिले के जितने भी इंटर स्तरीय विद्यालय में विषयवार शिक्षक नहीं हैं. वहां पठन-पाठन माध्यमिक शिक्षक के द्वारा वर्ग संचालित कराया जा रहा है. जहां कमरा का अभाव है, उसके संबंध में सरकार को जानकारी दे दी गयी है.

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