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परिवार नियोजन के लिए दो बच्चों में तीन साल का रखें अंतराल

Updated at : 17 Jan 2020 5:15 AM (IST)
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परिवार नियोजन के लिए दो बच्चों में तीन साल का रखें अंतराल

लखीसराय : जिले के सभी प्रखंडों में मिशन परिवार विकास अभियान के मद्देनजर अभिसरण बैठक के बाद क्षेत्रीय कार्यकर्ता घर-घर जाकर दंपति से मुलाकात कर रही है. दंपतियों से मिल कर परिवार नियोजन की जानकारी दी जा रही है. इस काम में आशाओं के साथ-साथ आंगनबाड़ी सेविकाओं, महिला पर्यवेक्षकों व विकास मित्रों व केयर इंडिया […]

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लखीसराय : जिले के सभी प्रखंडों में मिशन परिवार विकास अभियान के मद्देनजर अभिसरण बैठक के बाद क्षेत्रीय कार्यकर्ता घर-घर जाकर दंपति से मुलाकात कर रही है. दंपतियों से मिल कर परिवार नियोजन की जानकारी दी जा रही है.

इस काम में आशाओं के साथ-साथ आंगनबाड़ी सेविकाओं, महिला पर्यवेक्षकों व विकास मित्रों व केयर इंडिया के परिवार नियोजन समन्वयकों सहित जीविका के लोग शामिल हैं. मिशन परिवार विकास अभियान को लेकर जिला के हल्सी प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया. मौके पर मौजूद जिला संसाधन ईकाई के टीम लीडर नावेदउर रहमान भी मौजूद थे.
वहीं शुक्रवार को बड़हिया प्रखंड मुख्यालय में कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा. कार्यशाला के दौरान बताया गया नवविवाहितों सहित दो या दो से अधिक बच्चे वाले माता-पिता को परिवार नियोजन विभिन्न साधनों की जानकारी देना है. सामुदायिक चर्चा कर दंपतियों को अपने बच्चों की कम उम्र में शादी नहीं करने की सलाह दी जानी है. कम उम्र में शादी के बाद स्वास्थ्य परिणामों पर चर्चा भी की गयी.
लोगों को यह बताया जाना है कि यदि कम उम्र में शादी होती है तो इसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है और जनसंख्या स्थिरीकरण की संभावना कम होती जाती है. इसके साथ ही यदि नवविवाहित शादी के बाद बच्चे की इच्छा रखते हैं तो कुछ आवश्यक बातों को ध्यान में रखना होगा.
दो चरणों में 31 जनवरी तक चलेगा अभियान
केयर इंडिया के जिला संसाधन ईकाई के टीम लीडर नावेद उर रहमान ने बताया फिलहाल दंपति संपर्क सप्ताह चलाया जा रहा है. संपर्क सप्ताह के दौरान विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में समुदाय में जाकर लोगों को शादी के बाद कम से कम दो साल के बाद पहला बच्चा, दो बच्चों में कम से कम तीन साल का अंतराल एवं प्रसव के बाद या गर्भपात के बाद परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों पर जानकारी दी गयी है. ऐसे दंपति को चिह्नित किया जा रहा है, जिनके दो से अधिक बच्चे हैं और अब वे परिवार नियोजन के साधनों को अपनाना चाहते हैं.
उन्हें स्थायी व अस्थायी साधनों की जानकारी दी गयी है. साथ ही सामुदायिक स्तर पर बातचीत कर बड़ी संख्या में पुरुषों को नसबंदी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. ऐसे लोग जो नसबंदी के इच्छुक होंगे उन्हें 21 से 31 जनवरी तक परिवार नियोजन सेवा सप्ताह के दौरान नसबंदी शिविर का आयोजन कर लाभ दिया जाना है.
नसबंदी के लिए महिलाओं को देनी है सुविधाएं
प्रसव के बाद महिला नसबंदी के फायदों के बारे में बताने के साथ इसका लाभ भी देना है. एएनएम व आशा बंध्याकरण व कॉपर-टी के बारे में महिलाओं को बता रहीं हैं तथा इसे अपनाने के बारे में सलाह दे रही हैं. प्रसव कक्ष में परिवार कल्याण परामर्शी, एएनएम, स्टाफ नर्स के माध्यम से प्रसव एवं गर्भपात के लिए आयी हुई इच्छुक महिलाओं को उत्प्रेरित करते हुए सुविधा प्रदान कराने के लिए निर्देश जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से दिया गया है.
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