19 दिन बाद लापता व्यवसायी का टुकड़ों में शव मिलने से दहशत
Author Prabhat khabar digital desk
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लखीसराय : कवैया थाना क्षेत्र के अष्टघटी मोड़ स्थित महात्मा गांधी रोड निवासी व सीमेंट व्यवसायी मंसूर साव का शव 19 दिन बाद बाजार समिति के समीप पीर बाबा मजार के पास मनसिंघा पइन से शव बरामद किया गया. शव मिलते ही परिजनों में भूचाल आ गया. शव मिलते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे. […]
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लखीसराय : कवैया थाना क्षेत्र के अष्टघटी मोड़ स्थित महात्मा गांधी रोड निवासी व सीमेंट व्यवसायी मंसूर साव का शव 19 दिन बाद बाजार समिति के समीप पीर बाबा मजार के पास मनसिंघा पइन से शव बरामद किया गया. शव मिलते ही परिजनों में भूचाल आ गया. शव मिलते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे.
मोहल्ले के लोग आक्रोशित हो गये एवं पुलिस प्रशासन एवं जेल में बंद हत्यारों को जमकर कोसने लगे. स्थानीय लोगों का कहना था कि अगर पुलिस लापरवाही नहीं करती तो मंसूर साव की जान नहीं जाती. धीरे-धीरे लोग इतने आक्रोशित हो उठे की शहर के मुख्य मार्ग को अष्टघटी मोड़ के समीप बेंच एवं बांस बल्ला लगाकर जाम कर दिया.
पांच भागों में खंडित था शव, चेहरे पर फेंका गया था तेजाब
लखीसराय. लापता मंसूर साव के शव का दोनों हाथ एवं दोनों पैर काटकर अलग कर दिया गया था एवं शव के चेहरे पर तेजाब डालकर बुरी तरह झुलसा दिया गया था. हत्यारों ने व्यवसायी मंसूर साव की निर्मम हत्या कर उसकी पहचान मिटाने के लिए चेहरे को तेजाब से झुलसा दिया गया था.
परिजनों ने उसके कपड़े देखकर उसकी पहचान की. इसके साथ ही परिजनों ने बताया कि शव के दुर्गंध से ऐसा प्रतीत होता है कि इनकी हत्या कई दिन पूर्व ही कर दिया गया था, लेकिन दुर्गंध के डर से हत्यारे ने शव को सोमवार को फेंक दिया.
मंसूर साव के पुत्र ने दर्ज कराया था मामला
लखीसराय. व्यवसायी मंसूर साव के पुत्र सुबोध कुमार द्वारा अपने पिता को लापता होने पर कवैया थाना में 30 मार्च को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. दर्ज प्राथमिकी में कहा गया था कि काफी दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस मंसूर साव को ढूंढ़ नहीं पायी है. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार वार्ड संख्या 28 के निवासी पूरन चौधरी के पुत्र दिलीप कुमार व चंद्रिका साव के पुत्र लल्लू साव कारोबार करने के लिए मंसूर साव दो वर्ष पूर्व चार-चार लाख रुपये लिये थे. काफी दिन हो जाने के बाद मंसूर साव द्वारा दोनों पर लगातार पैसे को लेकर दबाव बना रहे थे. परिजनों द्वारा आशंका जतायी गयी थी कि पैसे के लेन-देन में ही मंसूर साव को अपहरण कर हत्या कर दिया है.
चार लाख की राशि के लिए मंसूर साव की हुई हत्या
लखीसराय. सन् 2016 में दीपक फर्नीचर दुकान के मालिक दिलीप चौधरी ने मंसूर साव से ब्याज पर चार लाख रुपये लिया था. उक्त राशि पर महीने में 4 हजार 4 सौ रुपये ब्याज समेत लौटाने की शर्त थी, लेकिन दिलीप चौधरी उसे राशि नहीं लौटा रहे थे, जिसके कारण मंसूर साव अपना तकादा जारी रखे थे. बताया जाता है कि दिलीप चौधरी 4 लाख रुपये के बदले-बदले डायरी में 30 हजार रुपये लिखा था.
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