लखीसराय : बहुचर्चित पोखरामा तिहरे हत्या कांड में छह दोषी करार, एक बरी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Jan 2019 1:03 PM

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लखीसराय : जिला के सूर्यगढ़ा पुलिस अंचल अंतर्गत कजरा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित पोखरामा तिहरे हत्याकांड के नामजद अभियुक्तों में से सात के विरुद्ध विचारण के उपरांत छह अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया, जबकि एक को साक्ष्य के आभाव में किया गया रिहा. जिसमें स्व. द्वारिका सिंह के पुत्र शालिग्राम सिंह उर्फ खपरु सिंह, […]

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लखीसराय : जिला के सूर्यगढ़ा पुलिस अंचल अंतर्गत कजरा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित पोखरामा तिहरे हत्याकांड के नामजद अभियुक्तों में से सात के विरुद्ध विचारण के उपरांत छह अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया, जबकि एक को साक्ष्य के आभाव में किया गया रिहा. जिसमें स्व. द्वारिका सिंह के पुत्र शालिग्राम सिंह उर्फ खपरु सिंह, सातों सिंह के पुत्र किरण सिंह, किरण सिंह के पुत्र अंगद सिंह, जनार्दन सिंह के पुत्र कृष्ण कुमार, रोहित कुमार, रमैया कुमार को दोषी करार दिया गया. वहीं खपरु सिंह के पुत्र सुरो सिंह को साक्ष्य के आभाव में रिहा कर दिया गया है, लेकिन सूचक पवन सिंह हत्या कांड में सुरो सिंह के भी नामजद रहने के कारण उसके तत्काल जेल से बाहर आने की संभावना कम ही प्रतीत हो रहा है. शेष दो अभियुक्तों के बाद में गिरफ्तारी होने के कारण उक्त न्यायालय में सुनवाई जारी है. साथ ही एक नामजद के नाबालिक रहने के कारण अलग जुबलाइन कोर्ट का मामला बताया जा रहा है.

भूमि विवाद में पिता पुत्र सहित तीन लोगों की हुई थी हत्या
भूमि विवाद को लेकर एक ही दिन में पिता पुत्र सहित तीन लोगों की हत्या कर दी गयी थी. तिहरे हत्या कांड के लिये आगामी 31 जनवरी को विद्वान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय रंजीत कुमार सिंह के न्यायालय में सजा का फैसला सुनाया जाएगा. बहुचर्चित पोखरामा नृशंस तिहरे हत्याकांड से संबंधित जानकारी देते हुए लोक अभियोजक यदुनंदन प्रसाद महतो ने बताया कि स्व. यदुनंदन सिंह के पुत्र रामशेखर सिंह, रामशेखर सिंह के पुत्र संजीव कुमार उर्फ झालो सिंह एवं फुलेंद्र सिंह के पुत्र इंद्रसेन कुमार उर्फ शंकर उर्फ रिपु की एक भूमि विवाद को लेकर दिनांक 4 अगस्त 17 को सुबह 8 – 9 बजे की बीच कर दी गयी थी. तिहरे हत्याकांड को लेकर सूचक पोखरामा निवासी स्व. कैलाश सिंह के पुत्र पवन सिंह के बयान पर गांव के ही स्व. द्वारिका सिंह के पुत्र शालिग्राम सिंह उर्फ खपरु सिंह, खपरु सिंह के पुत्र सुरो सिंह, दिलीप कुमार उर्फ ढिल्लन, रौशन कुमार उर्फ गुड्डू, सातों सिंह के पुत्र किरण सिंह, किरण सिंह के पुत्र अंगद कुमार, सूरज कुमार, जनार्दन सिंह के पुत्र कृष्ण कुमार, रोहित कुमार, रमैया कुमार सहित दस लोगों को नामजद अभियुक्त बनाते हुए कजरा थाना कांड संख्यां 50 / 17 अंकित कराया गया था.

तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अरविंद ठाकुर के आदेश से तत्कालीन सूर्यगढ़ा पुलिस अंचल निरीक्षक राम निवास प्रसाद को कांड का अनुसंधान कर्ता बनाया गया था. तिहरे हत्याकांड की गूंज पटना के पुलिस मुख्यालय तक सुनाई देने लगी थी. कई नेताओं मंत्री तक का कांड को लेकर पोखरामा आगमन हुआ था. जिसमे पूर्व विधान पार्षद डॉ महाचंद्र प्रसाद सिंह, विधान पार्षद संजय प्रसाद, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, बिहार सरकार के मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा आदि के शामिल थे. गिरफ्तारी में कोताही बरते जाने को लेकर थानाध्यक्ष की बदली तक हो गयी थी. वहीं उक्त घटना के कुछ ही माह के बाद कजरा थाना कांड संख्या 50/17 के सूचक पवन सिंह की भी लखीसराय कार्यानंद स्थित आवास के समीप कर दी गयी. उक्त घटना से संबंधित सत्रवाद संख्या 203 / 17 में विचारण के उपरांत खपरु सिंह के पुत्र दिलीप कुमार व गुड्डू कुमार को छोड़ शेष सभी नामजद अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आरोप गठित हो चुका है.

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