टैंक लॉरी से टकरायी स्कॉर्पियो, आधा दर्जन यात्री जख्मी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Jun 2018 6:12 AM
विज्ञापन
लखीसराय: कोई काम का नहीं है जलमीनार क्षमता के अनुसार मोटर नहीं लगने से लोगों को नहीं मिल रहा इसका समुचित लाभ क्षमता के अनुरूप मोटर नहीं रहने से जलमीनार में नहीं भर पाता पानी गांव में फैला पाइप लाइन लोगों को चिढ़ा रहा मुंह लखीसराय : सदर प्रखंड के बालगुदर गांव में लगभग एक […]
विज्ञापन
लखीसराय: कोई काम का नहीं है जलमीनार
क्षमता के अनुसार मोटर नहीं लगने से लोगों को नहीं मिल रहा इसका समुचित लाभ
क्षमता के अनुरूप मोटर नहीं रहने से जलमीनार में नहीं भर पाता पानी
गांव में फैला पाइप लाइन लोगों को चिढ़ा रहा मुंह
लखीसराय : सदर प्रखंड के बालगुदर गांव में लगभग एक करोड़ की लागत से निर्मित जलमीनार व पाइप लाइन के निर्माण के पांच वर्ष पूरा होने को है, लेकिन अभी तक गांव के 70 फीसदी आबादी को अभी तक जलमीनार का जल नसीब नहीं हो पाया है. बिहार सरकार के सात निश्चय योजना को मुंह चिढ़ाता यह जल मीनार ग्रामीणों के लिए सिर्फ हाथी का दांत बन कर रह गया है. जो दिखाई तो दे रहा है लेकिन उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है और वह सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. उसपर गांव में पाइप लाइन बिछाने का काम भी आधा अधूरा ही रहा है, उस पर भी सही ढंग से जल आपूर्ति का लाभ लोगों को नसीब नहीं हो रहा है.
25 हजार गैलन क्षमता वाली इस जलमीनार के साथ-साथ आधे-अधूरे पाइप लाइन बिछाकर आनन-फानन में 2014 के शुरुआत में उद्घाटन किया गया था. दुर्भाग्यवश जलमीनार के इर्द-गिर्द ही मुश्किल से 50 घरों तक ही पाइप से पानी पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दिया था. आवश्यकतानुसार पानी का दबाव नहीं रहने से पानी जलमीनार के आसपास से ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया. पूर्व मुखिया समाजवादी नेता गांव के निवासी मो अब्बास ने बताया कि 25 हजार गैलन क्षमता वाली जलमीनार के लिए मात्र पांच हॉर्स पावर का ही मोटर लगाया गया था. वह भी सौर ऊर्जा चलित मोटर लगाया गया है. जबकि जलमीनार परिसर में ही बिजली ट्रांसफॉर्मर भी है,
लेकिन बिजली से कोई कनेक्शन नहीं है. पूर्व मुखिया सह वर्तमान मुखिया कुसुम देवी के पति धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कम से कम 20 हॉर्स पावर के मोटर की जरूरत यहां थी. सौर ऊर्जा चलित 5 हॉर्स पावर वाला मोटर से आज तक टंकी भरा ही नहीं है तो पानी एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाने की बात हास्यास्पद प्रतीत होता है. आज तक एक भी ग्रामीणों ने इस टंकी से ओवरफ्लो होकर पानी को बाहर गिरते नहीं देखा है. सौर ऊर्जा का प्लेट इतना नीचे लगाया है कि दिन के कुछ ही घंटे सूर्य की रोशनी नसीब हो पाती है. शेष समय में अगल-बगल के मकानों के कारण सूर्य का प्रकाश आ ही नहीं पाता है.
जिससे वह कारगर नहीं हो पाती है. पाइप लाइन बिछाने में भी अल्पसंख्यकों व दलितों की बड़ी आबादी को उपेक्षित रखा गया है. जिसमें बालगुदर गांव का मुस्लिम टोला, लहेरिया टोला, नीरपुर, गोढ़ी टोला, पश्चिम टोला, मरवा टोली, दरगाह, मस्जिद के इर्द गिर्द के निवासियों को पानी तो दूर पाइप भी देखने को नसीब नहीं हुआ है.
बोले अभियंता
लोक स्वास्थ्य प्रमंडल लखीसराय के अभियंता निर्मल कुमार ने बताया कि दोषपूर्ण तकनीकी कारणों से सौर ऊर्जा प्लेट से ऊर्जा उत्पादन नहीं हो पाता है. मात्र तीन वार्डों के लिए ही मुख्य रूप से जल आपूर्ति लक्ष्य के अनुरूप कार्य हुआ था. सौर ऊर्जा चलित मोटर भी विगत एक पखवारे से भी अधिक समय से जला हुआ है. उन्होंने बताया कि नए सिरे से अधिक हॉर्स पावर का बिजली से चलने वाला मोटर लगाया जायेगा. सात निश्चय योजना के तहत हर घर को नल का जल पहुंचाने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही उसे सरजमी पर मूर्त रूप दिया जायेगा.
सोच ऊंचा रख मेहनत करें विद्यार्थी तो अवश्य मिलेगी कामयाबी : आइजी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










