बिहार उपचुनाव परिणाम: कुढ़नी में जदयू की हार क्यों हुई? जानें मंझधार में नैया फंसने की बड़ी वजह...

Kurhani Vidhan Sabha Upchunav Result: बिहार के कुढ़नी उपचुनाव में जदयू की हार हुई तो इस पराजय की वजहों पर भी मंथन शुरू हो गया है. इस बीच कई तरह की बातें लोगों के बीच चर्चे में है. हार की अलग-अलग वजहों में एक वजह जो सामने आई है जानिये उसके बारे में...
Kurhani Vidhan Sabha Upchunav Result: बिहार उपचुनाव के परिणाम में इस बार भाजपा का दबदबा रहा. कुढ़नी उपचुनाव में भाजपा के केदार गुप्ता ने जीत दर्ज की. बेहद रोचक मुकाबले में उन्होंने सीधी टक्कर दे रहे जदयू के उम्मीदवार मनोज कुशवाहा को हराया. जदयू की हार यहां एकतरफा मुकाबले में नहीं हुई है बल्कि अंत में बेहद दिलचस्प मोड पर पहुंचकर परिणाम में जदयू पिछड़ी. पराजय के बाद अब हार की समीक्षा में भी पार्टी जुट गयी. हालाकि अन्य वजहों में एक बड़ी वजह भी सामने आयी है जिसकी चर्चा अधिक है.
गुरुवार को चुनाव परिणाम आने के बाद प्रदेश भाजपा मुख्यालय में जश्न का माहौल रहा. पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने अबीर-गुलाल लगा कर और मिठाइयां बांट जीत की खुशियां मनायीं. वहीं जदयू कार्यालय में उसी वक्त लगभग सन्नाटा ही पसरा रहा. जब जदयू की हार की समीक्षा शुरू हुई तो सबसे अधिक निशाने पर प्रत्याशी मनोज कुशवाहा रहे. जो अपने निकटमत प्रतिद्वंदी भाजपा के केदार गुप्ता से 3632 वोटों से हारे.
मनोज कुशवाहा को उम्मीदवार बनाना भी हार की वजहों में एक हो सकती है. क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान ही पार्टी उम्मीदवार को लेकर मतदाताओं की नाराजगी दिख रही थी. यह नाराजगी आखिरी क्षणों तक बनी रही. जदयू ने तीन बार के विधायक रहे मनोज कुशवाहा को अपना उम्मीदवार बनाया था. लेकिन, कुशवाहा को अपनी बिरादरी का भी पूरा समर्थन नहीं मिल पाया.
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कुढ़नी में जदयू की हार के बाद पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी ‘अपनों’ को ही नसीहत दे डाली और कहा कि इस परिणाम से हमें काफी कुछ सीखने की जरुरत है. जनता हमारे हिसाब से नहीं बल्कि हमें जनता के हिसाब से चलना होगा. उन्होंने ट्वीट कर अपनी बात रखी.
क्या हार में, क्या जीत में
किंचित नहीं भयभीत मैं ।कर्तव्य पथ पर जो मिला
यह भी सही वो भी सही ।।कुढ़नी के परिणाम से हमें बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत है। पहली सीख- “जनता हमारे हिसाब से नहीं बल्कि हमें जनता के हिसाब से चलना पड़ेगा।”
— Upendra Kushwaha (@UpendraKushRLM) December 8, 2022
दूसरी ओर भाजपा पर वैश्य व सवर्ण मतदाताओं का भरोसा कायम रहा. रही सही कसर सहनी मतों में बिखराव महागठबंधन के लिए नुकसानदेह साबित हुआ. VIP पार्टी के उम्मीदवार को 9988 वोट मिले. कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने भी मुकेश सहनी पर ही हमला बोला और कहा कि उनके कारण महागठबंधन की हार हुई. उधर भाजपा उम्मीदवार केदार प्रसाद गुप्ता आम चुनाव 2020 की तुलना में 1115 वोट कम पाकर विधायक चुने गये हैं.
Posted By: Thakur Shaktilochan
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