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प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित

गलगलिया थाना क्षेत्र के बाबा तिलका मांझी चूरली मैदान में आदिवासी समाज की ओर से रविवार को हूल दिवस मनाया गया.

किशनगंज. गलगलिया थाना क्षेत्र के बाबा तिलका मांझी चूरली मैदान में आदिवासी समाज की ओर से रविवार को हूल दिवस मनाया गया. इस अवसर पर आयोजित की गयी दौड़ प्रतियोगिता में आदिवासी समाज के बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया. प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया. कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पटना उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में कौशल यादव मौजूद थे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने 1857 के सिपाही विद्रोह को याद करें तो इसे ही भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का पहला विद्रोह माना जाता है, लेकिन आदिवासियों का हूल विद्रोह भी प्रभावशाली विद्रोह रहा. संथाल विद्रोह आदिवासियों के द्वारा शुरू किया गया था जो धीरे-धीरे जन आंदोलन बन गया. तब संथाल विद्रोहियों ने अपने परंपरागत हथियारों के दम पर ही ब्रिटिश सेना के छक्के छुड़ा दिये थे .1855 के संथाल विद्रोह में 50 हजार से अधिक लोगों ने करो या मरो और अंग्रेजों हमारी माटी छोड़ो का नारा बुलंद किया था. इस मौके पर लोजपा के वरिष्ठ समाजसेवी किशन बाबू पासवान, गलगलिया थानाध्यक्ष राहुल कुमार, गलगलिया थाना के एसआई वेद प्रकाश,रजनीश टुडू, धूमल हांसदा, बाबूलाल मरांडी मौजूद थे. मंच संचालन विजय बास्की और मुकेश हेंब्रम ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में कमेटी सुबोध टुडू्, सकरात बस्की, खेमाई, सुनील सहनी, वकील मुर्मू, वीरेंद्र मुर्मू, मंगल हांसदा रहे .

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