सात निश्चय-3 को लेकर किशनगंज डीएम का बड़ा फैसला: सोमवार और शुक्रवार को दफ्तरों में बैठेंगे अफसर, लापरवाही पर मिलेगी कड़ी सजा
Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 22 May 2026 3:10 PM
समस्या सुनते जिलाधिकारी
बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'सात निश्चय-3' के तहत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ को धरातल पर उतारने के लिए किशनगंज जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. जिला पदाधिकारी (DM) विशाल राज ने खुद आम जनता की समस्याओं को सुना और सभी स्तर के अधिकारियों के लिए नए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. डीएम ने साफ कर दिया है कि जनता के काम में टालमटोल करने वाले अफसरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
सप्ताह में दो दिन कार्यालय में मौजूदगी अनिवार्य, तय हुए सोमवार और शुक्रवार
डीएम विशाल राज ने जिले के सभी विभागों और प्रखंडों के पदाधिकारियों को स्पष्ट और कड़ा निर्देश जारी किया है. नए आदेश के तहत:
- अनिवार्य उपस्थिति: सप्ताह में दो दिन यानी प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को सभी छोटे-बड़े अधिकारी अनिवार्य रूप से अपने-अपने निर्धारित कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे.
- त्वरित समाधान: इस अवधि के दौरान अधिकारी केवल कार्यालय में बैठेंगे ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से आने वाले आम लोगों की फरियाद और समस्याओं का ऑन-स्पॉट त्वरित व प्रभावी समाधान सुनिश्चित करेंगे.
कार्यालयों में बदलेंगे इंतजाम: आगंतुकों के लिए पानी, शौचालय और बैठने की होगी व्यवस्था
डीएम ने सरकारी दफ्तरों में आने वाले आम नागरिकों के सम्मान और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए बुनियादी ढांचे को सुधारने का हुक्म दिया है. अब सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों (विजिटर्स) के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और साफ-सुथरे शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होंगी.
इसके साथ ही, भ्रष्टाचार और ढिलाई को रोकने के लिए प्रत्येक कार्यालय में एक ‘आगंतुक पंजी’ (विजिटर रजिस्टर) का विधिवत संधारण किया जाएगा. इस रजिस्टर में प्राप्त सभी शिकायतों की प्रविष्टि (एंट्री) की जाएगी और उनका समयबद्ध निष्पादन (निश्चित समय में काम पूरा करना) अनिवार्य होगा.
रोजाना की जाएगी रिपोर्टिंग, प्रभार वाले अफसरों के लिए भी कड़े नियम
प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए प्रखंड, पंचायत और जिला स्तर पर प्रतिदिन आने वाले आगंतुकों की संख्या की डिजिटल और भौतिक रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है. यदि किसी कार्य में कोई बड़ी तकनीकी समस्या उत्पन्न होती है, तो संबंधित पदाधिकारी को तत्काल अपने वरीय (सीनियर) पदाधिकारी को इसकी सूचना देनी होगी.
डीएम का सख्त रुख: “यदि किसी अपरिहार्य कारण या फील्ड विजिट की वजह से मुख्य पदाधिकारी कार्यालय में अनुपस्थित रहते हैं, तो उनके स्थान पर उनके द्वारा अधिकृत (अथॉराइज्ड) समकक्ष पदाधिकारी आम जनों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे. जो पदाधिकारी एक से अधिक विभागों या कार्यालयों के प्रभार (चार्ज) में हैं, वे सोमवार और शुक्रवार को अपने सुविधा अनुसार समय का बंटवारा कर सभी कार्यालयों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे.”
नियमों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज
किशनगंज जिला पदाधिकारी ने चेतावनी भरे लहजे में सभी अधिकारियों को सचेत किया है कि जनता सर्वोपरि है और ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ के मूल मंत्र से कोई समझौता नहीं होगा. यदि किसी कार्यालय से अधिकृत पदाधिकारी की अनुपस्थिति या निर्देशों की अवहेलना की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित दोषी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय स्तर पर सीधे कठोर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
किशनगंज से भालचंद्र मिश्रा की रिपोर्ट:
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










