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इंसानियत की रक्षा करते करें इंसान की सेवा

Updated at : 08 May 2025 12:28 AM (IST)
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इंसानियत की रक्षा करते करें इंसान की सेवा

आचार्य प्रमुख सागर जी महाराज पहुंचे किशनगंज मुख्यालय

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किशनगंज. आचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज के प्रभावी शिष्य आचार्य प्रमुख सागर जी महाराज का पूर्वोत्तर से भ्रमण करते किशनगंज जिले के मुख्यालय में पूरे संघ के साथ आगमन हुआ. महाराज श्री ने अपने संघ के साथ असम, मेघालय, नागालैंड का पद भ्रमण करते हुए आने वाले वर्षाकाल का चातुर्मास बंगाल की राजधानी कोलकाता में होना निश्चित है. नगर आगमन में बिहार की सीमा से पूरे गाजे-बाजे के साथ बड़ी संख्या में स्त्री-पुरुषों ने उनका स्वागत किया. मंदिर जी में भगवान दर्शन के पश्चात धर्मशाला रोड स्थित पार्श्वनाथ भवन में आचार्य श्री के ठहराव की व्यवस्था जैन समाज द्वारा निर्धारित है. मौके पर आचार्य श्री संघ की आगवानी करते हुए समाज के अध्यक्ष त्रिलोक चंद जैन ने कहा कि लगभग ढाई वर्षों पूर्व महाराज श्री किशनगंज से अपने पूर्वोत्तर का दौरा तय किया था, जहां आसाम में गुवाहाटी, नागालैंड के दीमापुर में महाराज के चातुर्मास कार्यक्रम हुए, आज फिर से हम किशनगंज जैन समाज महाराज श्री की आगवानी करते हुए गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. कार्यक्रम में महाराज के दर्शन हेतु कोलकाता, दीमापुर गुवाहाटी नलबाड़ी रंगिया, बंगाईगांव, सिलीगुड़ी, ठाकुरगंज, कानकी के श्रद्धालुओं को किशनगंज समाज के द्वारा सम्मानित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत भक्तिभाव से मंगलाचरण के माध्यम से किया गया. अपने संबोधन में आचार्य प्रमुख सागर जी ने किशनगंज की धरती को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह जगह अपने नाम के अनुसार कृष्ण की धरती है और आपसी सौहार्द का बेमिसाल सबूत है. लोगों को इंसानियत की रक्षा करते हुए इंसान की सेवा करनी चाहिए. परम पूज्य आचार्य श्री प्रमुख सागर जी महाराज के संघ में 13 पिछ्चीधारियों का संगम है. उन्होंने कहा कि मनुष्य को कटुता छोड़कर इंसान को इंसान के काम आना चाहिए और यही जैन धर्म का उद्देश्य है. संघ के साथ चल रहे मुनि प्रभाकर सागर जी महाराज का आज जन्मदिवस भी धूम-धाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया जहां आचार्य श्री ने अपने संबोधन में उन्हें आशीर्वाद देते हुए उनके लंबे धार्मिक जीवन की कामना की. मुनि प्रभाकर सागर जी महाराज ने मौके पर कहा कि जन्म मेरा नहीं है लेकिन मृत्यु को सुधारा जा सकता है. आत्मा से ही परमात्मा का मिलन होता है और यह काम गुरु ही सिखाता है. मुनि श्री ने कहा कि मैं भाग्यशाली हूं जिसे विशाल हृदय वाले गुरु का सानिध्य मिला है. महाराज श्री के आगमन में समाज के सचिव संतोष पाटनी, महिला समाज की सचिव सविता पांड्या, जैन युवा मंडल के सुशील काला, विकाश सेठी आदि ने अपनी दायित्व का निर्वाह किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AWADHESH KUMAR

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