आरएसी सीट पर अनजान महिला-पुरुष साथ सफर करने को मजबूर, नियम पर उठे सवाल
Updated at : 31 Mar 2026 6:50 PM (IST)
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हाल ही में सामने आए एक मामले में आरएसी सीट पर एक महिला और पुरुष को एक साथ बैठाया गया.
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ठाकुरगंज
भारतीय रेलवे की आरएसी व्यवस्था अब यात्रियों के धैर्य की परीक्षा बन चुकी है. नाम भले ही रिजर्वेशन हो, लेकिन हकीकत में यह एडजस्टमेंट क्लास से कम नहीं. एक सीट दो यात्री और कभी कभी एक महिला और एक पुरुष जिनका आपस में कोई परिचय नहीं. रेलवे का सीधा संदेश सफर करना है तो शिष्टाचार सीखिए, बाकी व्यवस्था भगवान भरोसे है. बताते चले भारतीय रेलवे में आरएसी व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है, जहां एक ही सीट पर दो यात्रियों कभी-कभी एक महिला और एक पुरुष को साथ सफर करना पड़ता है. यात्रियों का कहना है कि इससे असहज स्थिति पैदा होती है और व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. हाल ही में सामने आए एक मामले में आरएसी सीट पर एक महिला और पुरुष को एक साथ बैठाया गया. शुरुआत में महिला ने विरोध किया, लेकिन बाद में टीटीई ने स्पष्ट किया कि रेलवे में ऐसा कोई नियम नहीं है जो महिला और पुरुष को एक ही आरएसी सीट साझा करने से रोकता हो.क्या है आरएसी
सिस्टम
रेलवे के नियमों के अनुसार आरएसी टिकट में यात्रा की गारंटी होती है, लेकिन पूरी बर्थ नहीं मिलती. एक बर्थ को दो हिस्सों में बांटकर दो यात्रियों को दिया जाता है. आमतौर पर दोनों यात्रियों को साइड लोअर सीट पर बैठकर सफर करना पड़ता है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार आरएसी सीट अलॉट करते समय महिला-पुरुष का अलग से ध्यान नहीं रखा जाता यानी एक ही सीट पर महिला-पुरुष, दो पुरुष या दो महिलाएं कोई भी संयोजन हो सकता है.यात्रियों की परेशानी
सोमवार को सियालदाह से ठाकुरगंज की यात्रा कर रही एक युवती माही जैन ने बताया कि उनकी टिकट आरएसी रह गई. जिसके बाद चार्ट बनते वक्त एक ही साइड लोअर सीट पर मेरे साथ जिस व्यक्ति को टिकट एलोट किया गया. वह पुरुष था. ऐसे में एक अनजान व्यक्ति के साथ सीट एडजस्ट करना पड़ रहा था. जब टीटी को कहा तो उसने अन्य जगह एडजस्ट करने से इनकार कर दिया. इस प्रकार रातभर बैठकर सफर करना मजबूरी बन गया. महिला यात्री कहती है कि एक बार तो यह लगा कि टिकट कन्फर्म नहीं हुआ तो समझो सफर नहीं, सजा मिल गई. बताते चले अनजान महिला और पुरुष के साथ बैठना कई बार असहज और असुविधाजनक होता है. लंबी यात्रा में सोने की सुविधा भी नहीं मिलती. यात्रियों का कहना है कि यह एडजस्टमेंट मजबूरी बन जाता है.पूरा किराया, आधी सुविधा
इस बाबत ठाकुरगंज के यात्रियों का सीधा सवाल जब सीट आधी है, तो किराया पूरा क्यों, ना ठीक से बैठने की जगह, ना सोने की सुविधा, फिर भी पूरा पैसा वसूला जा रहा है. इस बाबत यात्रियों ने रेलवे से मांग की है किआरएसी व्यवस्था में सुधार हो, महिला यात्रियों के लिए अलग प्रावधान बने और किराए में भी राहत दी जाए वरना आरएसी टिकटआरक्षण नहीं, मजबूरी का प्रतीक बनकर रह जाएगा.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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