पवना पुल के नीचे बालू का अवैध खनन जारी, पुल को उत्पन्न हो रहा खतरा,खनन विभाग मौन

जलीय पौधे और सूक्ष्मजीवों के खाद्य तंत्र के नाश होने का खतरा बढ़ रहा है जिससे जीवों के विलुप्त होने की संभावना बढ़ गई है.
पौआखाली पिछले दो माह से लगातार पौआखाली नगर क्षेत्र में पबना पुल के नीचे बहने वाली बूढ़ी कनकई नदी क्षेत्र से बालू का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है. आश्चर्य तो यह है कि यह घाट बालू उत्खनन के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है बावजूद इसके बालू के अवैध धंधे से जुड़े मुट्ठी भर लोग नदी तल क्षेत्र की तो छोड़ दीजिए पबना पुल के पीलर से सटाकर बालू का उत्खनन कर रहे हैं. पुल के पूर्वी दिशा में पीलर के समीप से पांच सौ मीटर के अंदर दायरे तक में बड़े पैमाने पर बालू का उत्खनन किया जा रहा है मगर अफसोस कि उत्खनन का नजारा दिन के उजाले में पुल से दिखने के बावजूद खनन विभाग कार्रवाई को लेकर संवेदनहीन बना है. बालू के अवैध धंधेबाज रोजाना अहले सुबह से ही प्रतिबंधित पबना घाट से अवैध तरीके से बालू उत्खनन कर सरकार को महीने में लाखों रुपए का चूना लगाया रहा है साथ ही नदी तल से अत्यधिक बालू के उत्खनन से प्राकृतिक संतुलन पे बुरा असर दिख रहा है. जलीय पौधे और सूक्ष्मजीवों के खाद्य तंत्र के नाश होने का खतरा बढ़ रहा है जिससे जीवों के विलुप्त होने की संभावना बढ़ गई है. मगर इसके रोकथाम की जवाबदेही से प्रशासन को जैसे कोई लेना देना ही नही रह गया है. ऐसे में खनन विभाग की चुप्पी पर अब सवाल खड़ा होने लगा है. गौरतलब है कि किसी भी नदी के ऊपर बने पुल से पांच सौ मीटर के दायरे तक प्रतिबंधित क्षेत्र निर्धारित है और इस क्षेत्र में बालू उत्खनन पर पूरी तरह से रोक है अगर बालू उत्खनन का कार्य किया जाता है तो यह पूरी तरह से गैर कानूनी है. जानकर बताते हैं कि पबना घाट का अबकी बार बंदोबस्ती नही किया गया है बावजूद धड़ल्ले से खनन जारी है. पुल के नीचे से उत्खनन के दौरान अच्छे गुणवत्ता वाले बालू निकल रहा है जिसे प्रति अस्सी सीएफटी से लेकर डेढ़ सौ सीएफटी तक बालू बेचकर एक एक धंधेबाज 2500 से 3000 रुपए तक कमाई कर रहे है. यहां मोटी कमाई के लालच में बालू उत्खनन करने वाले तत्वों ने पूरे घाट में ऐसी खुदाई कर रखा है कि घाट का कोई कोना तक को सुरक्षित नहीं छोड़ा है और इस तरह के गैर कानूनी कार्यों में संलिप्त तत्वों को यहां के जिम्मेदार लोग ना तो ऐसा करने से कभी मना करते हैं और ना ही विभाग से इसकी शिकायत ही करते हैं. गौर करने वाली बात है कि डेरामारी पौआखाली मुख्य पथ में ही पबना पुल है और ठीक उसी जगह पुल के नीचे से बेरोकटोक अवैध खनन दिनभर होते रहता है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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