खरीफ फसल कर्मशाला में किसानों ने सीखे खेती के गुर

Updated at : 31 May 2024 7:57 PM (IST)
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खरीफ फसल कर्मशाला में किसानों ने सीखे खेती के गुर

आगामी खरीफ फसल के बेहतर पैदावार को लेकर शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित ई किसान भवन में एकदिवसीय प्रशिक्षण सह कर्मशाला का आयोजन किया गया.

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बहादुरगंज(किशनगंज). आगामी खरीफ फसल के बेहतर पैदावार को लेकर शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित ई किसान भवन में एकदिवसीय प्रशिक्षण सह कर्मशाला का आयोजन किया गया. जहां कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों ने प्रशिक्षण में उपस्थित अलग – अलग पंचायतों से आये किसानों को खरीफ महोत्सव 2024 के लक्ष्य व उद्देश्य से अवगत करवाया और अभियान की सफलता को लेकर खेती से बेहतर पैदावार को लेकर कई टिप्स बतायें. इससे पहले आगंतुक अतिथियों में कृषि विभाग भारत सरकार से सेवानिवृत्त डिप्टी डायरेक्टर डॉ पीपी सिन्हा , कृषि विभाग में सहायक निदेशक प्रक्षेत्र किशनगंज मेराज आलम, अर्राबाड़ी कृषि महाविद्यालय के प्रो स्वराज दत्ता, बी डीओ सुरेन्द्र तांती एव प्रखंड कृषि पदाधिकारी रविरंजन पांडे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. मौके पर मुख्य अतिथि डॉ पीपी सिन्हा ने कहा कि आधुनिक खेती के जरिए सीमित भूमि व कम लागत पर अच्छी खेती की जा सकती है. इससे न केवल खरीफ फसल का बेहतर पैदावार होगा बल्कि किसानों की आर्थिक दिशा – दशा में भी जबर्दस्त सुधार संभव है. डॉ सिन्हा ने किसानों को अपने खेती में अधिक से अधिक जैविक खाद प्रयुक्त करने की अपील करते हुए कहा कि खेती में प्रयुक्त होनेवाले कीटनाशक दवाई के दुष्प्रभाव किसी से छुपी भी नहीं है. इससे पहले विभाग के सहायक निदेशक प्रक्षेत्र किशनगंज मेराज आलम ने बताया कि महाभियान के इस एकदिवसीय कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में बहादुरगंज प्रखंड के कुल 60 किसानों के बीच 28 क्विंटल 83 किलोग्राम बीज का वितरण किया गया है. जिसमें मुख्यमंत्री तीब्र बीज विस्तार योजना के तहत प्रत्येक राजस्व ग्राम के दो किसानों 90 प्रतिशत अनुदानित कीमत पर 6 – 6 किलोग्राम बीज मुहैया करवाया गया. उन्होंने बताया 10 वर्ष से अधिक आयु वाले बीज वितरण में 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अनुदान निर्धारित है. योजना में प्रत्येक पंचायत के लिए तीन क्विंटल बीज उपलब्ध है. योजना के तहत एक किसान अधिकतम 60 किलोग्राम तक बीज उठा सकते हैं. इससे पहले कृषि कॉलेज अर्राबाड़ी के असिस्टेंट प्रोफेसर स्वराज दत्ता ने महा अभियान की सफलता पर किसानों के बीच एक से बढ़कर एक टिप्स बताते कहा कि उन्नत खेती के जरिए ही किसानों की खुशहाली संभव है. बेहतर होगा किसान खेती की उन्नत विधि को अपनाएं एवं आर्थिक रूप से अपने परिवार को समृद्ध बनायें. इस दौरान प्रखंड कृषि पदाधिकारी रविशंकर पांडे, कृषि विज्ञान केन्द्र की एसएमएस मंजू श्रीवास्तव, कृषि समन्वयक डॉ नीरज, समन्वयक प्रज्ञा ज्योति, कई कृषि सलाहकार सहित दर्जनों कृषक मौजूद थे. प्रतिनिधि, बहादुरगंज आगामी खरीफ फसल के बेहतर पैदावार को लेकर शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित ई किसान भवन में एकदिवसीय प्रशिक्षण सह कर्मशाला का आयोजन किया गया. जहां कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों ने प्रशिक्षण में उपस्थित अलग – अलग पंचायतों से आये किसानों को खरीफ महोत्सव 2024 के लक्ष्य व उद्देश्य से अवगत करवाया और अभियान की सफलता को लेकर खेती से बेहतर पैदावार को लेकर कई टिप्स बतायें. आगंतुक अतिथियों में कृषि विभाग भारत सरकार से सेवानिवृत्त डिप्टी डायरेक्टर डॉ पीपी सिन्हा , कृषि विभाग में सहायक निदेशक प्रक्षेत्र किशनगंज मेराज आलम, अर्राबाड़ी कृषि महाविद्यालय के प्रो स्वराज दत्ता, बी डीओ सुरेन्द्र तांती एव प्रखंड कृषि पदाधिकारी रविरंजन पांडे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. मौके पर मुख्य अतिथि डॉ पीपी सिन्हा ने कहा कि आधुनिक खेती के जरिए सीमित भूमि व कम लागत पर अच्छी खेती की जा सकती है. इससे न केवल खरीफ फसल का बेहतर पैदावार होगा बल्कि किसानों की आर्थिक दिशा – दशा में भी जबर्दस्त सुधार संभव है. डॉ सिन्हा ने किसानों को अपने खेती में अधिक से अधिक जैविक खाद प्रयुक्त करने की अपील करते हुए कहा कि खेती में प्रयुक्त होनेवाले कीटनाशक दवाई के दुष्प्रभाव किसी से छुपी भी नहीं है. इससे पहले विभाग के सहायक निदेशक प्रक्षेत्र किशनगंज मेराज आलम ने बताया कि महाभियान के इस एकदिवसीय कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में बहादुरगंज प्रखंड के कुल 60 किसानों के बीच 28 क्विंटल 83 किलोग्राम बीज का वितरण किया गया है. जिसमें मुख्यमंत्री तीब्र बीज विस्तार योजना के तहत प्रत्येक राजस्व ग्राम के दो किसानों 90 प्रतिशत अनुदानित कीमत पर 6 – 6 किलोग्राम बीज मुहैया करवाया गया. उन्होंने बताया 10 वर्ष से अधिक आयु वाले बीज वितरण में 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अनुदान निर्धारित है. योजना में प्रत्येक पंचायत के लिए तीन क्विंटल बीज उपलब्ध है. योजना के तहत एक किसान अधिकतम 60 किलोग्राम तक बीज उठा सकते हैं. इससे पहले कृषि कॉलेज अर्राबाड़ी के असिस्टेंट प्रोफेसर स्वराज दत्ता ने महा अभियान की सफलता पर किसानों के बीच एक से बढ़कर एक टिप्स बताते कहा कि उन्नत खेती के जरिए ही किसानों की खुशहाली संभव है. बेहतर होगा किसान खेती की उन्नत विधि को अपनाएं एवं आर्थिक रूप से अपने परिवार को समृद्ध बनायें. इस दौरान प्रखंड कृषि पदाधिकारी रविशंकर पांडे, कृषि विज्ञान केन्द्र की एसएमएस मंजू श्रीवास्तव, कृषि समन्वयक डॉ नीरज, समन्वयक प्रज्ञा ज्योति, कई कृषि सलाहकार सहित दर्जनों कृषक मौजूद थे.

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