बांस-बल्लों के सहारे हो रही बिजली आपूर्ति, 11 हजार बिजली तार से ग्रामीणों को खतरा

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बांस-बल्लों के सहारे हो रही बिजली आपूर्ति, 11 हजार बिजली तार से ग्रामीणों को खतरा

बांस-बल्लों के सहारे हो रही बिजली आपूर्ति

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दर्जन टोला में अस्थायी हाईटेंशन लाइन भय के साये में ग्रामीण, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग किशनगंज. जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड के धवेली पंचायत स्थित दर्जन टोला गांव वार्ड संख्या 11 में हाईटेंशन बिजली लाइन की आपूर्ति बांस-बल्लों के सहारे की जा रही है, जो न केवल अस्थायी है, बल्कि ग्रामीणों के लिए खतरे की घंटी भी बन चुकी है. ग्रामीणों का कहना है कि यह व्यवस्था बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर करती है और किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है. ग्रामीणों की चिंता: स्थानीय उपभोक्ता सागर लाल सिंह, रेखा देवी, चंद्र प्रसाद सिंह, इंद्र लाल सिंह, रमेश प्रसाद सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद सिंह, लैसो देवी, तिलो देवी, सुलेखा देवी व मदनी देवी ने बताया कि वर्षों से बांस-बल्लों के सहारे बिजली की आपूर्ति की जा रही है. खासकर जब भी मौसम खराब होता है, तेज हवा चलती है या बारिश होती है, तो गांव में दहशत का माहौल बन जाता है. बांस के बल्ले कमजोर पड़ने लगते हैं, जिससे तार टूटकर गिरने का खतरा बना रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि यह अस्थायी व्यवस्था अब खतरे की सीमा को पार कर चुकी है. बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों व मवेशियों के लिए यह एक गंभीर सुरक्षा जोखिम बन चुका है. कई बार तेज हवा में तार नीचे झूलने लगते हैं, जिससे हादसों का डर और बढ़ जाता है. इस स्थिति में पूरी गांव की आबादी चिंतित है. वे लंबे समय से बिजली विभाग और जनप्रतिनिधियों से समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं. अभी तक नहीं उठाया गया कोई ठोस कदम : ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार विभाग व जनप्रतिनिधियों से इस समस्या के समाधान के लिए आवेदन कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. उनका कहना है कि अगर शीघ्र ही पक्के खंभे लगाकर इस अस्थायी व्यवस्था को हटाया नहीं गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है. ग्रामीणों की मांग : ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सुरक्षित बिजली व्यवस्था नहीं होती, तब तक हर पल खतरे की छाया बनी रहेगी. उन्होंने प्रशासन, बिजली विभाग व जनप्रतिनिधियों से इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की अपील की है, ताकि दर्जन टोला गांव के लोग सुरक्षित जीवन जी सकें और उनकी बिजली आपूर्ति भी सुरक्षित हो. यह समस्या केवल बिजली आपूर्ति से जुड़ी नहीं है, बल्कि पूरे गांव की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज करना गांव के लिए बड़ी आपदा ला सकता है. कहते हैं कनीय अभियंता : इस मामले में कनीय अभियंता प्रजापति शरण ने बताया कि दर्जन टोला समेत उन सभी इलाकों को चिह्नित किया गया है, जहां बांस-बल्लों के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही पक्के खंभे लगाए जाएंगे व बिजली आपूर्ति को सुरक्षित बनाया जायेगा. विभाग ने इस दिशा में आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है. उम्मीद है कि जल्द ही ग्रामीणों को राहत मिलेगी.

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अवधेश कुमार

लेखक के बारे में

By अवधेश कुमार

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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