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सोशल मीडिया पर बिछने लगी चुनावी चौसर

Updated at : 22 Aug 2025 7:22 PM (IST)
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सोशल मीडिया पर बिछने लगी चुनावी चौसर

ग्रुप और पेज पर अधिक से अधिक सदस्यों को जोड़ने की कवायद शुरू

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-सोशल मीडिया पर सक्रिय दिखने लगे नेता-ग्रुप और पेज पर अधिक से अधिक सदस्यों को जोड़ने की कवायद शुरू.

-अपने-अपने नेताओं के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने संभाला रखा है मोर्चा,किशनगंजप्रदेश विधानसभा चुनाव दहलीज पर खड़ा है. अगले 40 दिनों में कभी भी चुनाव आयोग चुनाव की घोषणा कर सकता है, लेकिन जिले में अलग-अलग पार्टियों से टिकट लेने की होड़ शुरू हो चुकी है. इसी क्रम में संभावित प्रत्याशी बैठके और अपने अपने क्षेत्र के साथ-साथ पार्टी आलाकमान के दरवाजे पर दस्तक तो,पटना और दिल्ली के चक्कर लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहें हैं. वहीं पार्टियों की आईटी सेल भी सक्रिय हो चुकी है. फिलहाल सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है.

सोशल मीडिया में कुछ महीनों से नयी आईडी बनने का सिलसिला काफी तेजी से शुरू है. आईटी एक्सपर्टों की माने तो पिछले छह महीनों से लगभग एक लाख नयी आईडी बनी है. सोशल मीडिया के एक प्रसिद्ध फेसबुक ग्रुप संचालक ने बताया कि रोजाना 500 से ज्यादा नये सदस्यों का अप्रूवल आ रहा है जिसमे ज्यादातर नए अकाउंट वाले है.

हालांकि अभी तक किशनगंज जिले के चारों विधानसभा सीट पर किसी भी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है. राजद, कांग्रेस, जेडीयू भाजपा, जनसुराज सभी की यहां दावेदारी है.

बदला चुनाव लड़ने का अंदाज़

सोशल मीडिया के जमाने में चुनाव लड़ने का तौर-तरीका भी बदल गया है. सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना अब नेताओं के लिए निहायत ही जरूरी है. कहना गलत नहीं होगा कि अब एक चुनाव सोशल मीडिया पर भी लड़ा जाने लगा है.

लगभग सभी पार्टी इस खेल की बड़े खिलाड़ी है. जो नहीं है वो भी हवा के रूख को भांपते हुए सोशल मीडिया अधिकाधिक प्रयोग की तैयारी में है. हालांकि,सोशल मीडिया के फॉलोवर्स को वोटबैंक में तब्दील करना वैसा ही है. जैसा कि चुनावी सभाओं में जुटने वाली भीड़ को देखकर वोटों का अंदाजा लगाना. आजकल देखने में आ रहा है कि जो नेता खुद अपना अकाउंट नहीं चला सकते. उनकी जगह उनकी टीम ये काम कर रही होती है.

जमीन पर भी उतरने लगें हैं राजनेता

चुनाव का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है नेताजी का काफिला दिल्ली, पटना छोड़ अब सुदूरवर्ती गांव एवं टोलों तक पहुंचने लगा है और गांव एवं बाजार में लगातार बैठकों का सिलसिला जारी है. कार्यकर्ताओं को एक जुट करने में अभी से पार्टियां लग गयी है. एकाध पार्टियों को छोड़ दे तो अभी सभी पार्टियों में टिकट को लेकर उहापोह की स्थिति है, लेकिन अपनी-अपनी जमीन तैयार करने में संभावित उम्मीदवार अभी से जुट गये हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AWADHESH KUMAR

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AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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