10 जून से अंतर्राज्यीय लघु खनिज परिवहन के लिए ई-ट्रांजिट पास होगा अनिवार्य
Published by : RAVIKANT SINGH Updated At : 07 Jun 2026 10:52 PM
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लघु खनिज लेकर प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए नयी व्यवस्था लागू की है. इसके तहत 10 जून से इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आइएसटीपी) अनिवार्य कर दिया गया है.
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अन्य राज्यों से बालू, गिट्टी, पत्थर, मोरंग सहित अन्य लघु खनिज लेकर बिहार आने वाले सभी वाहनों का आइएसटीपी पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. यदि परिवहन चालान में खनिज की मात्रा वजन में अंकित है तो 60 रुपये प्रति टन तथा आयतन में अंकित होने पर 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है.
किशनगंज के प्रतिनिधि के अनुसार
खान एवं भूतत्व विभाग ने अन्य राज्यों से लघु खनिज लेकर प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए नयी व्यवस्था लागू की है. इसके तहत 10 जून से इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आइएसटीपी) अनिवार्य कर दिया गया है. विभाग द्वारा राज्य में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन पर रोक लगाने तथा खनिज परिवहन को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है. अन्य राज्यों से बालू, गिट्टी, पत्थर, मोरंग सहित अन्य लघु खनिज लेकर बिहार आने वाले सभी वाहनों का आइएसटीपी पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. पंजीकरण के बाद वाहन मालिक या ट्रांसपोर्टर को मोबाइल नंबर पर लॉगिन आइडी एवं पासवर्ड प्राप्त होगा, जिसके माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन कर ट्रांजिट पास के लिए आवेदन किया जा सकेगा. आईएसटीपी के लिए रजिस्ट्रेशन का कार्य शुरू हो गया है और वाहन मालिक अभी से अपने वाहनों का पंजीकरण करा सकते हैं, ताकि 10 जून से व्यवस्था लागू होने के बाद किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. खनिज के स्रोत स्थान से परिवहन चालान जारी होने के छह घंटे के भीतर वाहन पर लदे खनिज की मात्रा के अनुसार ट्रॉजिट पास लेना अनिवार्य होगा. यदि परिवहन चालान में खनिज की मात्रा वजन में अंकित है तो 60 रुपये प्रति टन तथा आयतन में अंकित होने पर 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है. शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा. ट्रांजिट पास की वैधता खनिज परिवहन चालान की वैधता के अनुरूप होगी. खनिज परिवहन के दौरान वाहन चालक के पास ट्रांजिट पास के साथ-साथ संबंधित राज्य से जारी वैध खनिज परिवहन चालान रखना भी अनिवार्य होगा. जांच के दौरान यदि दोनों में से कोई एक दस्तावेज भी नहीं पाया गया तो बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019 तथा संशोधित 2026 के तहत जुर्माना एवं अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पोर्टल पर वाहन संख्या, वाहन स्वामी का नाम, चेसिस संख्या और इंजन संख्या की जानकारी दर्ज कर वाहन का सत्यापन कराया जाएगा. इसके बाद आईएसटीपी फॉर्म में खनिज का नाम, मात्रा, स्रोत, गंतव्य एवं परिवहन चालान से संबंधित जानकारी भरकर ऑनलाइन भुगतान करना होगा. सफल भुगतान के लगभग 30 सेकेंड बाद ट्रांजिट पास स्वतः जारी हो जाएगा, जिसे डाउनलोड कर उसकी हार्ड कॉपी वाहन में रखना आवश्यक होगा. सुनीता कुमारी, खनिज विकास पदाधिकारी ने सभी वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्टरों एवं खनिज कारोबारियों से समय रहते पंजीकरण कराने और नई व्यवस्था का पालन करने की अपील की है, ताकि परिवहन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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