इंडो-नेपाल बॉर्डर पर सनसनीखेज साजिश: 2 महीने के मासूम के डायपर में छिपाकर ले जा रहे थे 'ब्राउन शुगर', झापा पुलिस ने 3 को दबोचा

Updated:
विज्ञापन

नेपाली सुरक्षा कर्मी की गोद में बच्चा | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

भारत-नेपाल खुली सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. झापा जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया जो 2 महीने के बच्चे के डायपर में स्मैक छिपाकर सप्लाई कर रहा था. तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है.

विज्ञापन

भारत-नेपाल की खुली सीमा पर मादक पदार्थों (नशीले पदार्थों) की तस्करी का एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनहीन मामला सामने आया है. सीमा पार नेपाल के झापा जिले में पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो महज 2 महीने के दूधमुंहे बच्चे के डायपर के भीतर स्मैक (ब्राउन शुगर) छिपाकर नेपाल में सप्लाई करने की कोशिश कर रहा था. नेपाल पुलिस की सतर्कता से इस सनसनीखेज साजिश का भंडाफोड़ हुआ और मौके से बिहार के किशनगंज जिले के एक दंपति समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

विज्ञापन

भद्रपुर बसपार्क के पास ऑटो की तलाशी में हुआ खुलासा

घटनाक्रम के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार:

  • संदेह पर रोका गया ऑटो: शनिवार शाम करीब 5:15 बजे झापा जिले के भद्रपुर बसपार्क के समीप क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय की संयुक्त टीम ने भारत की ओर से आ रहे एक ऑटो रिक्शा (नंबर: मे १ ह ५०११) को रोका.
  • डायपर में मिला नशा: ऑटो में सवार महिला की गोद में मौजूद दो महीने के मासूम बच्चे पर पुलिस को शक हुआ. जब महिला पुलिसकर्मियों ने बच्चे के डायपर की तलाशी ली, तो उसके अंदर प्लास्टिक में लपेटकर छिपाकर रखी गई 8.94 ग्राम शुद्ध ब्राउन शुगर (प्लास्टिक सहित 9.85 ग्राम) बरामद हुई.

किशनगंज का दंपति और ऑटो चालक गिरफ्तार

नेपाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तस्करी में शामिल तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है:

  • मोहित आलम (30 वर्ष) — निवासी: भातगांव, वार्ड संख्या 12, जिला किशनगंज (बिहार)
  • जेनेतुन खातुन (32 वर्ष) — मोहित आलम की पत्नी
  • मोहम्मद तजरुल (38 वर्ष) — ऑटो रिक्शा चालक
  • (साथ ही तस्करी में प्रयुक्त ऑटो रिक्शा को भी जब्त कर लिया गया है.)

"मासूम की आड़ में सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने की थी योजना"

नेपाल पुलिस के अधिकारियों का मानना है कि तस्करों ने सोचा था कि गोद में बच्चे को देखकर सुरक्षा एजेंसियां शक नहीं करेंगी और डायपर की जांच से बचते हुए वे आसानी से सीमा पार निकल जाएंगे. लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया.

बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगालने में जुटी पुलिस

फिलहाल सभी आरोपियों को भद्रपुर पुलिस कार्यालय में रखकर गहन पूछताछ की जा रही है. पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि:

  • यह नशीला पदार्थ बिहार (भारत) के किस इलाके या सप्लायर से खरीदा गया था.
  • नेपाल के झापा या आसपास के इलाकों में इसे किस बड़े तस्कर को सौंपा जाना था.
  • इस सीमापार संगठित गिरोह (Organized Cross-Border Network) में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं.


आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन