शव लेकर छाती भर पानी पार करने की तस्वीर वायरल, अब खाकवा नदी पर पुल की उम्मीद जगी

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निरीक्षण करते एसडीएम व अन्य | Prabhat Khabar Network

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खाकवा नदी पर पुल न होने से लोगों को शवों को कंधे पर लादकर छाती भर पानी पार करना पड़ता था. इस हृदय विदारक घटना की तस्वीर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है, जिससे पुल निर्माण की उम्मीद जगी है.

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किशनगंज : खाकवा नदी पर पुल की मांग को लेकर प्रशासन अब हरकत में आया है. जिला पदाधिकारी नवीन कुमार को मांग पत्र सौंपे जाने के बाद मंगलवार को अनुमंडल दंडाधिकारी अनिकेत कुमार ने बहादुरगंज प्रखंड की महेशबथना पंचायत स्थित खाकवा नदी के नोदिया टोली-बैसा घाट का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-1 के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार, कनीय अभियंता बिपिन कुमार और स्थानीय जिला पार्षद प्रतिनिधि इमरान आलम मौजूद रहे.

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शव को कंधे पर लेकर छाती भर पानी पार करने की तस्वीर हुई थी वायरल

दरअसल, खाकवा नदी पर पुल नहीं होने के कारण आसपास के गांवों के लोगों को बैसा-झींगाकाटा कब्रिस्तान तक पहुंचने में काफी परेशानी होती है. किसी ग्रामीण की मौत होने पर परिजनों को शव को कंधे पर लेकर नदी पार करनी पड़ती है. नदी में छाती भर पानी होने के बावजूद लोग शव लेकर दूसरी ओर जाने को मजबूर होते हैं.

इसी घटना की हृदय विदारक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुल निर्माण की मांग को लेकर मामला चर्चा में आया था.

20 से 30 हजार की आबादी होती है प्रभावित

स्थानीय लोगों के अनुसार बीरपुर, चकचकी, नोदियाटोली, झींगाकाटा इस्तमरार, झींगाकाटा तौफीर, झींगाकाटा लाट टोला, दक्षिण टोला, हाटटोला, दोगच्छी, दर्जीटोला, बैसा, धापरटोली, तेघड़िया खास, युनुस टोला और लौचा सहित आसपास के गांवों की करीब 20 से 30 हजार की आबादी इस समस्या से प्रभावित है.

ग्रामीणों का कहना है कि बैसा-झींगाकाटा कब्रिस्तान इन गांवों के लोगों के लिए अंतिम ठिकाना है. उनके पूर्वज भी इसी कब्रिस्तान में दफन हैं. ऐसे में पुल के अभाव में किसी की मौत होने पर अंतिम विदाई के दौरान परिजनों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है.

एसडीएम ने ग्रामीणों से जानी समस्या, रिपोर्ट भेजने का निर्देश

निरीक्षण के दौरान एसडीएम अनिकेत कुमार ने स्थानीय ग्रामीणों से पूरी स्थिति की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने मौके पर मौजूद ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रस्ताव और रिपोर्ट वरीय कार्यालय को भेजने का निर्देश दिया.

एसडीएम ने कहा कि निरीक्षण रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को सौंपी जाएगी और मामले में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

'यह सिर्फ पुल नहीं, गरिमामय अंतिम विदाई का सवाल'

जिला पार्षद प्रतिनिधि इमरान आलम ने कहा कि यह केवल पुल निर्माण की मांग नहीं है, बल्कि लोगों को अपने परिजनों की गरिमामय अंतिम विदाई देने के अधिकार से जुड़ा मामला है. उन्होंने कहा कि डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच टीम भेजी है, जिससे ग्रामीणों में उम्मीद जगी है.

उन्होंने जल्द पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जतायी.

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