बिहार में शराबबंदी का असर: बंगाल के डुआर्स में गुलजार हुए रिसॉर्ट, वीकेंड मना रहे दूर-दराज के पर्यटक
डुअर्श के एक बार की तस्वीर | Prabhat Khabar Network
Bengal Tourism: बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पश्चिम बंगाल के डुआर्स क्षेत्र में पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है. खासकर वीकेंड पर रिसॉर्ट्स 'हाउसफुल' हो रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां मिल रही हैं.
Bengal Tourism: बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद इसका एक बड़ा और दिलचस्प आर्थिक व सामाजिक असर पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के डुआर्स क्षेत्र में देखने को मिल रहा है. उत्तर बंगाल के घने जंगलों और हरी-भरी वादियों के बीच बसे निजी रिसॉर्ट इन दिनों बिहार से आने वाले पर्यटकों से पूरी तरह गुलजार हैं. किशनगंज और अररिया जैसे सीमावर्ती जिलों के अलावा अब पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया और भागलपुर जैसे दक्षिण एवं मध्य बिहार के बड़े शहरों से भी लोग सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर वीकेंड बिताने डुआर्स पहुंच रहे हैं.
वीकेंड पर 'हाउसफुल' हो रहे निजी रिसॉर्ट
पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसायियों का कहना है कि बिहार के पर्यटकों के कारण डुआर्स का टूरिज्म बिजनेस नई ऊंचाइयों को छू रहा है:
- अग्रिम बुकिंग: शुक्रवार शाम से रविवार तक लाटागुड़ी, गोरूमारा, चालसा और आसपास के क्षेत्रों में स्थित निजी रिसॉर्ट्स में भारी भीड़ रह रही है. कई रिसॉर्ट्स में हफ्तों पहले से वीकेंड बुकिंग फुल हो जाती है.
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार: पर्यटकों की इस आवाजाही से केवल होटल और रिसॉर्ट ही नहीं, बल्कि लोकल टैक्सी संचालक, जंगल सफारी गाइड, रेस्तरां और स्थानीय हाट-बाजारों का कारोबार भी चमक उठा है.
शादी, एनिवर्सरी और फैमिली गेट-टुगेदर के नाम पर बुकिंग
रिसॉर्ट संचालकों के मुताबिक, बिहार के लोग अब उत्सव मनाने के लिए डुआर्स को पहली पसंद बना रहे हैं:
- दिन में सफारी, रात में पार्टियां: लोग शादी की सालगिरह, जन्मदिन, फैमिली गेट-टुगेदर या कॉरपोरेट मीटिंग्स के नाम पर 2 से 3 दिनों के लिए पूरे रिसॉर्ट्स बुक कर लेते हैं. दिन के समय पर्यटक जंगल सफारी और प्राकृतिक स्थलों का लुत्फ उठाते हैं, वहीं शाम ढलते ही पार्टियों का माहौल सजता है.
सीमावर्ती इलाकों में खुलीं शराब की कई दुकानें
बिहार से सटे पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में शराब की दुकानों का तेजी से विस्तार हुआ है:
- खोरीबाड़ी और फांसीदेवा में बढ़ी दुकानें: ठाकुरगंज से सटे बंगाल के खोरीबाड़ी क्षेत्र में करीब 7 तथा फांसीदेवा क्षेत्र में लगभग 15 नई लाइसेंसी शराब दुकानें खुल चुकी हैं.
- सुलभ आवाजाही: गलगलिया चेकपोस्ट पर प्रशासनिक कड़ाई और निगरानी के बावजूद, खुली सीमा और कई अन्य संपर्क मार्गों के कारण निजी वाहनों व ट्रेनों से पर्यटकों का आना-जाना बेहद आसान रहता है.
Bengal Tourism: दार्जिलिंग-सिक्किम को पछाड़ डुआर्स बना पहली पसंद
पहले बिहार से जाने वाले पर्यटक मुख्य रूप से दार्जिलिंग और सिक्किम का रुख करते थे:
- कम खर्च और शांत माहौल: गोरूमारा और लाटागुड़ी का शांत वातावरण, प्राकृतिक सुंदरता और दार्जिलिंग की तुलना में अपेक्षाकृत कम खर्च के कारण डुआर्स अब पसंदीदा डेस्टिनेशन बन गया है.
- 72 से अधिक रिसॉर्ट्स: पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, अकेले गोरूमारा-लाटागुड़ी वन क्षेत्र के आसपास ही लगभग 72 निजी रिसॉर्ट्स संचालित हो रहे हैं, जो हर सप्ताहांत बिहार के पर्यटकों से भरे रहते हैं.
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