ठाकुरगंज में 50 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण का आरोप: 16 हजार/एकड़ लीज पर देने का दावा, 13 लोगों के खिलाफ शिकायत

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फोटो- कथित सरकारी भूमि पर मौजूद संबंधित इलाके के ग्रामीण | Prabhat Khabar Network

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ठाकुरगंज में ग्रामीणों ने 50 एकड़ सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई है. आरोप है कि ज़मीन पर चाय, केला और हल्दी की खेती हो रही है, और निर्माण भी हुए हैं. मवेशियों के चारे की जगह पर अतिक्रमण से पशुपालक परेशान हैं.

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ठाकुरगंज (किशनगंज). भोलमार पंचायत के मौजा भोलमार, थाना नंबर 245, चादर नंबर 04 और 05 में करीब 50 एकड़ सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है. ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को आवेदन देकर मामले की जांच कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है. आवेदन के साथ जमीन के नक्शे की छायाप्रति और कथित निर्माण एवं खेती से संबंधित तस्वीरें भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है.

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चरागाह की जमीन पर खेती और निर्माण का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर वहां चाय बागान, केला बागान और हल्दी की खेती शुरू कर दी है. इसके अलावा कुछ हिस्सों में मकान बनाए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है.

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मक्का की खेती के लिए जमीन को बाहर से आए लोगों को करीब 16 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से लीज पर दिए जाने की बात सामने आई है. इन आरोपों की प्रशासनिक जांच अभी बाकी है.

मवेशियों के चरने की जगह होने का दावा

मो. एहतशाम, मो. इसराइल सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि उक्त जमीन का इस्तेमाल लंबे समय से गांव के मवेशियों के लिए चरागाह के रूप में होता रहा है. कथित अतिक्रमण के कारण पशुपालकों को अब अपने मवेशियों को चराने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

आवेदन में 13 लोगों के नाम शामिल

ग्रामीणों की ओर से दिए गए आवेदन में कथित अतिक्रमण से जुड़े 13 लोगों के नामों की सूची भी शामिल किए जाने की बात कही गई है. शिकायतकर्ताओं ने इन लोगों पर सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करने का आरोप लगाया है. हालांकि आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

जमीन के कुछ हिस्से की बंदोबस्ती का भी उल्लेख

आवेदन में संबंधित भूखंड के कुछ हिस्से की बंदोबस्ती का भी उल्लेख किया गया है. ऐसे में जमीन की वास्तविक स्थिति, स्वामित्व और बंदोबस्ती से संबंधित अभिलेखों की जांच भी मामले में महत्वपूर्ण होगी. दूसरे पक्ष से संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका है.

बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 के तहत स्थल जांच कराकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है. उन्होंने प्रशासन से जमीन की पैमाइश, राजस्व अभिलेखों के सत्यापन और मौके की स्थिति की जांच कराने का अनुरोध किया है.

अमीन और राजस्व कर्मचारी करेंगे जांच

अंचल अधिकारी ठाकुरगंज मृत्युंजय कुमार ने बताया कि ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त हुआ है. इसके बाद अमीन और राजस्व कर्मचारी को स्थल जांच का आदेश दिया गया है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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