आयुष्मान भारत एप पर राशन कार्ड धारी खुद से भी बना सकते हैं अपना आयुष्मान कार्ड

Updated at : 11 Jun 2024 6:44 PM (IST)
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आयुष्मान भारत एप पर राशन कार्ड धारी खुद से भी बना सकते हैं अपना आयुष्मान कार्ड

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत जिला भर में कुल लक्ष्य 3.45 के आलोक में 182873 परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है .

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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत जिले भर में 3.50 लाख लोगों का बना आयुष्मान कार्ड किशनगंज.केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत जिला भर में कुल लक्ष्य 3.45 के आलोक में 182873 परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा चूका है . शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के लिए पुनः 01 जुलाई से कैंप का आयोजन किया जायेगा..

इस आशय कि जानकारी सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए राशन कार्ड का होना आवश्यक है. सभी राशन कार्ड धारी लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है. इसके लिए सरकार के स्तर से सीएससी संचालकों को आयुष्मान कार्ड बनाने का जिम्मा दिया गया है. इसके अलावा जन वितरण प्रणाली के विक्रेताओं के यहां भी कैंप लगाकर वंचित लोगों का कार्ड बनाया जाना है. उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड प्राप्त व्यक्ति साल में एक बार सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख तक खर्च निः शुल्क इलाज का लाभ ले सकता है.

आयुष्मान भारत एप पर राशन कार्ड धारी खुद से भी बना सकते हैं अपना आयुष्मान कार्ड

जिला कार्यक्रम समन्वयक आयुष्मान पंकज कुमार ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने में किसी प्रकार कि कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए benificiary.nha.gov.in के नाम से एक आयुष्मान भारत एप लॉन्च किया गया है. इसको कोई भी लाभुक अपने मोबाइल पर डाउनलोड करके घर बैठे खुद भी अपना आयुष्मान कार्ड बना सकता है. इस एप में ऑनलाइन ऑटो स्वीकृत प्रणाली लागू है . इसकी वजह से किसी भी अधिकारी और कर्मी को राशन कार्ड कि जांच करने कि आवश्यकता नहीं पड़ती है. आयुष्मान कार्ड के लिए राशन कार्ड पहले से ऑनलाइन है उसी आधार पर स्वयं वेरिफिकेशन हो जाता है. इस दौरान डॉक्यूमेंट के सही रहने पर दो मिनट के अंदर आयुष्मान कार्ड का पीडीएफ मोबाइल पर दिखने लगता है.

जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ माता गुजरी मेडिकल कॉलेज को भी आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है

जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ मुनाजिम ने बताया कि जिला में अब तक कुल 3.50 लाख व्यक्ति का कार्ड बनाया गया है साथ ही जिलाधिकारी श्री तुषार सिंगला के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देश के आलोक में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए ज़िले के सभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ ही प्रखंड के कर्मियों का अहम योगदान मिला है. सरकार द्वारा बनाये जाने वाले आयुष्मान भारत गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए सबसे पहले पंजीयन करवाना पड़ता है. इस रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने और कार्ड बनने के बाद उसे ऑनलाइन डाउनलोड कर उसका प्रिंट निकलवा सकते हैं. उन्होंने बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक अस्पताल और सदर अस्पताल के साथ माता गुजरी मेडिकल कॉलेज को भी आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है . लाभार्थी यहां भी आयुष्मान कार्ड से प्रति वर्ष पांच लाख तक का निः शुल्क इलाज करवा सकते हैं.

कार्ड बनाने को राशन कार्ड अनिवार्य

सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार ने बताया कि पीएचएच और अंत्योदय योजना के तहत राशन कार्ड बनता है. इस दोनों राशन कार्डधारियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है. एक भी व्यक्ति आयुष्मान कार्ड से वंचित नहीं रहेगा. कार्ड बनाने के लिए सरकार के स्तर से सीएससी संचालकों को जिम्मा दिया गया है. जन वितरण प्रणाली विक्रेता के यहां कैंप लगेगा और वहां वंचित लोग आएंगे और सीएससी संचालक आयुष्मान कार्ड बनायेंगे. बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक व्यक्ति साल में पांच लाख खर्च तक इलाज फ्री में करा सकता है. किसी के पास राशन कार्ड है, तो उसके परिवार के सभी सदस्यों को आयुष्मान भारत के तहत इलाज का लाभ मिलेगा. पीएम आयुष्मान योजना की सूची में अगर किसी का नाम नहीं होगा, तो उस राशन कार्ड धारी का सीएम आरोग्य योजना के तहत कार्ड बनेगा.

जिले के 09 सरकारी एवं 03 सूचीबद्ध निजी अस्पताल में आयुष्मान कार्डधारी मुफ्त करा सकते है इलाज

सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार ने बताया कि आयुष्मान कार्ड परिवार के सभी लोगों का अलग-अलग बनेगा. यदि आयुष्मान कार्डधारी किसी गंभीर बीमारी या वैसी बीमारी का इलाज कराना चाहता हैं, जिसके लिए अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक है, तो वे पूरे देश सहित जिले के 09 सरकारी एवं 03 सूचीबद्ध निजी अस्पताल में से किसी भी अस्पताल में जाकर निःशुल्क 05 लाख रुपये तक का इलाज करा सकते हैं. अब तक जिले में 18 हजार से अधिक व्यक्ति इस योजना का लाभ ले चुके है.| जिले के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सदर अस्पताल, माता गुजरी लायंस सेवा केंद्र, रेडियेंट मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल, जेड ए नर्सिंग होम सूचीबद्ध हैं. सभी सरकारी अस्पतालों में भी योजना का लाभ दिया जा रहा है.

योग्य निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया भी की जा रही है. जिले में कार्ड बनवाने से एक भी लोग वंचित नहीं रहें . इसके लिए पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधि मुखिया, वार्ड सदस्य समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी सहयोग करें. साथ ही कार्ड बनाने को लेकर जागरूक करें. स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ता भी अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी और कार्ड बनाने के लिए प्रेरित करेंगी एवं कार्ड बनने के बाद इलाज में होने वाले सरकारी मदद की भी जानकारी देंगी.

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