बीआरसीसी व सीआरसीसी का मोह नहीं छोड़ रहे प्रधानाध्यापक

Published at :11 Jul 2016 1:31 AM (IST)
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बीआरसीसी व सीआरसीसी का मोह नहीं छोड़ रहे प्रधानाध्यापक

प्रोन्नत के बाद भी जमे हैं कई विद्यालयों के प्रधानाध्यपाक प्रखंड िशक्षा पदािधकारी मामले को िनयम के िवरुद्ध नहीं मान रहे हैं ठाकुरगंज : प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति के बावजूद प्रखंड के कई बीआरसीसी / सीआरसीसी अपने पद पर क्यों बने हुए है़ प्रखंड के शिक्षक इस मामले में इन पदाधिकारियों के कार्य प्रणाली के […]

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प्रोन्नत के बाद भी जमे हैं कई विद्यालयों के प्रधानाध्यपाक

प्रखंड िशक्षा पदािधकारी मामले को िनयम के िवरुद्ध नहीं मान रहे हैं
ठाकुरगंज : प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति के बावजूद प्रखंड के कई बीआरसीसी / सीआरसीसी अपने पद पर क्यों बने हुए है़ प्रखंड के शिक्षक इस मामले में इन पदाधिकारियों के कार्य प्रणाली के कारण ऐसा होना आम बात मानते है़ं
जिस गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा को लेकर इनकी बहाली बीआरसीसी / सीआरसीसी पद पर हुई उससे दूर दूर का वास्ता नहीं रखने का आरोप इन पर लगता रहा है और इस मामले में शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों का इनको मिलता संरक्षण भी एक कारण है़ इसी कारण से एक माह पूर्व प्रोन्नति के बावजूद जिन स्थानीय नियंत्री पदाधिकारी द्वारा इन्हें पद से मुक्त कर इन्हें नये पदस्थापन विद्यालय में योगदान का आदेश दिया जाना था, उनकी इस मामले में अपनायी गयी चुप्पी के कारण ये अब तक पुराने पद पर बने हुए है़ बताते चले ठाकुरगंज प्रखंड के बीआरसीसी पद पर कार्य कर रहे निरोध कुमार सिन्हा को पौआखाली मध्य विद्यालय, करुण कुमार जो दो संकुल के सीआरसीसी हैं
उन्हें बोरिगछ मध्य विद्यालय में स्थानांतरण कर दिया गया है. इसी तरह दो संकुल के सीआरसीसी पद की शोभा बढ़ा रहे सदानंद रजक जिन्हें राजागांव मध्य विद्यालय का प्रधानाध्यापक बनाया गया है.मजेदार बात तो यह है की प्रोन्नति आदेशानुसार इन तीनों नव प्रोन्नत पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक की सबसे पहले अपने नियंत्री पदाधिकारी जो प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी होते हैं
के कार्यालय में योगदान करने के बाद ही नए पदस्थापना वाले विद्यालय में योगदान करने हेतु उसी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा विरमित किया जाता है और सम्बंधित विद्यालय के बतौर प्रधानाध्यापक का प्रभार ग्रहण करना सुनिश्चित किया जाता है़
परन्तु ठाकुरगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जो इन तीनों शिक्षकों के स्थानीय स्तर पर बीआरसीसी / सीआरसीसी पद के नियंत्री पदाधिकारी तो हैं. जानकार बताते हैं की प्रधानाध्यापक के रूप मे बीआरसीसी / सीआरसीसी की पदस्थापना के बाद रिक्त हुए पद की सूचना जिला शिक्षा कार्यालय को बीईओ द्वारा दिया जाना था ताकि संबंधित कार्यालय रिक्त पदों को भरने के लिए कदम उठता़
पदस्थापन के बाद होंगे िवरमित
इन शिक्षकों के पदोन्नति के बाद प्रधानाध्यापक बनने के बाद इनके द्वारा किया जा रहा बीआरसीसी / सीआरसीसी का पद स्वत: रिक्त हो गया़ कोई प्रधानाध्यापक इन पदों पर नहीं रह सकते़ इन पदों पर रिक्ति की जानकारी डायट को दे दी गई है. इन पदों पर बिना किसी अन्य की पदस्थापना के इन्हें कैसे विरमित किया जाए़
मजलूम अंसारी, प्रखंड िशक्षा पदािधकारी
जमीन घेराबंदी का स्थानीय ग्रामीणों ने किया विरोध
गलगलिया थाना क्षेत्र स्थित चेकपोस्ट के समीप स्टार्च फैक्टरी के लिए खरीदी गयी जमीन की घेराबंदी करने का ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया है
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