तेज रफ्तार से गंवा रहे जान
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Jun 2016 5:45 AM (IST)
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लापरवाही . एक माह में सड़क दुर्घटना में हुई छह लोगों की मौत किशनगंज : जिले में चाहे एनएच हो या फिर स्टेट हाइवे. सड़क सिंगल है और लोड ट्रिपल. यातायात नियम नाम की कोई चीज नहीं है और जिदंगी की भागमभाग में एक दूसरे को पीछे करने की होड़ मची हुई है. हड़बड़ी के […]
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लापरवाही . एक माह में सड़क दुर्घटना में हुई छह लोगों की मौत
किशनगंज : जिले में चाहे एनएच हो या फिर स्टेट हाइवे. सड़क सिंगल है और लोड ट्रिपल. यातायात नियम नाम की कोई चीज नहीं है और जिदंगी की भागमभाग में एक दूसरे को पीछे करने की होड़ मची हुई है. हड़बड़ी के कारण अक्सर हादसों का कारण बन रही है. इन दिनों किशनगंज जिले में वाहनों की रफ्तार ने कई जिंदगी की रफ्तार रोक दी है. ऐसा कोई दिन नहीं है जब सड़क हादसे में लोग घायल नहीं होते हों. इसके बावजूद गति पर लगाम नहीं लग रही.
पिछले एक महीने में करीब छह लोगों की जान गयी और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए. ऐसे में जरूरी है कि वाहनों के रफ्तार पर अंकुश लगे. यहां के बस, पिकअप, मैजिक और ऑटो चालकों में सबसे पहले पहुंचने की होड़ मची रहती है. ज्यादा ट्रीप के चक्कर में चालक बेतरतीब गाड़ी चलाते हैं. इस दौरान आम लोग उनकी चपेट में आ जाते हैं.
युवाओं में तेज रफ्तार बाइक चलाने का क्रेज बढ़ता जा रहा है. उनकी बाइक हवा से बात करती नजर आती है. कई बार वे सड़क पर करतब भी करते नजर आते है. इसी चक्कर में धोखा हो जाता है. सबसे बड़ी बात यह है कि चाहे दो पहिया वाहन हो या फिर चार पहिया व बड़े वाहन. सब यातायात नियमों को ठेंगा दिखाते है. जिले में खासकर छोटी गाड़ी जैसे पिकअप, मैजिक, जीप, सवारी गाड़ी, बोलेरो, जेलो बेशक जिले की जान है. आम जिंदगी को रफ्तार देने का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है. लेकिन ये वाहन लोगों की जान भी ले रही है. वाहनों की स्टेयरिंग की कमान उन नन्हे हाथों में है, .
ओवर टेक करना और बीच सड़क पर अचानक वाहनों को रोक देना चालकों की शान बन गई है. सड़कों पर दौड़ने वाले दर्जनों वाहनों में लाइट का अभाव है. हेड लाइट है तो बैक लाइट नहीं, बैक लाइट है तो साइड लाइट नहीं. अगर लाइट है भी तो लाइट के जरिए सिगनल का चालक प्रयोग नहीं कर रहे है. ऐसे में हादसे आम है.
कम उम्र के चालकों की भरमार : ऐसा भी नहीं है कि पुिलस या फिर परिवहन विभाग वाहनों की चेकिंग नहीं करता है, लेकिन घटनाएं रुक नहीं रही है. इसका सबसे प्रमुख कारण यह है कि नवसिखुए वाहन चालकों की भरमार है. शहर में बेरोकटोक वाहनों को चलाते हुए देखे जा सकते हैं. इन्हें रोकनेवाला कोई नहीं है. यही कारण है कि इस खामियाजा आमलोगों को भुगतना पड़ रहा है. एक सप्ताह हुई दुर्घटना में भी वाहन चालक कम उम्र का था.
एनएच पर भी नहीं करते नियमों का पालन
मनमाने तरीके से लेन क्रास करता ट्रैक्टर किसी बड़े हादसे को दे रहा है आमंत्रण. फोर लेन पर निर्धारित वाहन परिचालन व्यवस्था को धता बताते हुए ट्रैक्टर निर्धारित स्थान को छोड़ अन्य स्थान से मनमाने तरीके से लेन क्रास कर रहा है. जिससे उस लेन में आ रहे वाहन से उसकी टक्कर हो सकती है और पल भर में कईयों की जानें जा सकती है.
नियमित रूप से चलाया जा रहा है अभियान
नियमों को ताक पर रखकर सड़क पर वाहन दौड़ाने वालों के खिलाफ विभाग द्वारा नियमित रूप से अभियान चलाया जा रहा है.वहीं कार्रवाई भी की जा रही है.
मनीष कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी
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