75 लाख रुपये के गबन का आरोपी गिरफ्तार

Published at :08 Apr 2016 3:09 AM (IST)
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75 लाख रुपये के गबन का आरोपी गिरफ्तार

किशनगंज : वुड्स फार्मासिटीकल्स प्रा लिमिटेड व वुड्स लेबोरेटरीज लिमिटेड के नाम पर फर्जी नन बैंकिंग कंपनी खोल कर जिले वासियों की खून पसीने की कमाई से अर्जित 75 लाख रुपये लेकर फरार हो चुके कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के एक सदस्य को स्थानीय पुलिस ने बुधवार को गुप्त सूचना के आधार पर पश्चिम […]

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किशनगंज : वुड्स फार्मासिटीकल्स प्रा लिमिटेड व वुड्स लेबोरेटरीज लिमिटेड के नाम पर फर्जी नन बैंकिंग कंपनी खोल कर जिले वासियों की खून पसीने की कमाई से अर्जित 75 लाख रुपये लेकर फरार हो चुके कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के एक सदस्य को स्थानीय पुलिस ने बुधवार को गुप्त सूचना के आधार पर पश्चिम बंगाल के पानी हाटी,

खेरदह से गिरफ्तार कर लिया. गुरुवार को आरोपी उज्जवल बख्शी पिता नंदु बख्शी उर्फ पवित्र बख्शी को पुलिस ने चिकित्सीय जांच उपरांत भादवि की धारा 420, 406, 120बी के तहत न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. मामले के शेष अन्य 19 आरोपियों की तलाश की जा रही है.

किशनगंज पश्चिम पाली में खोला था कार्यालय :ज्ञातव्य है कि वुड्स फर्मास्यूटिकल्स प्रा लिमिटेड वर्ष 2011-12 में स्थानीय पश्चिमपाली में उमेश राय के मकान को किराये पर लेकर अपनी शाखा खोल ली थी तथा कंपनी एक्ट 1956 के द्वारा कोलकाता व रांची से पंजीकृत करा कर अपने शाखा का विस्तार भी कर लिया था.
100 एजेंट को किया था बहाल
इस दौरान कंपनी ने मोटे कमीशन का लोभ देकर 100 एजेंटों की बहाली कर ली थी और ज्यादा ब्याज व पूंजी दोगुना करने का लोभ देकर आवर्ती जमा, मासिक जमा, वार्षिक जमा, शेयर आदि मदों में स्थानीय लोगों के रुपये भी जमा करने लगा था. कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को प्राप्ति रसीद व पासबुक आदि दिये जाने से स्थानीय लोगों का विश्वास कंपनी के प्रति बढ़ने लगा और स्थानीय लोग नोट दोगुना करने के लोभ में फंस कर अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई कंपनी में जमा करने लगे. इधर, स्थानीय एजेंटों ने भी शहर के साथ-साथ आस पड़ोस पश्चिम बंगाल के इलाके के लोगों को भी अपने झांसे में ले लिया.
नतीजतन देखते ही देखते कंपनी के डायरेक्टर सुधीर मुखर्जी के खाते में 50 लाख और कंपनी के खाते में 25 लाख रुपये जमा हो गये. इस दौरान जब उपभोक्ताओं के खाते की अवधि पूरी होने लगी तो उपभोक्ता रुपये के लिए कंपनी के दफ्तर का चक्कर लगाने लगे. परंतु शाखा के कर्मी नित नये बहाने बना कर उपभोक्ताओं को टरकाने में लगे. अंतत: 13 अगस्त 2013 को कंपनी कर्मी अपना बोरिया बिस्तर समेट कर फरार हो गये.
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