मदरसा भवन निर्माण को ले दो गुटों में झड़प

Published at :08 Dec 2015 3:21 AM (IST)
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मदरसा भवन निर्माण को ले दो गुटों में झड़प

छत्तरगाछ : प्रखंड अंतर्गत मदरसा दारूल उलुम कादिरिया नुरिया छमटिया में मदरसा भवन निर्माण को लेकर बीते रविवार को दो गुटों में झड़प हो गयी. हालांकि सूचना पाकर प्रशिक्षु डीएसपी सह पोठिया थानाध्यक्ष पंकज कुमार, सीओ समीर कुमार, स्थानीय मुखिया मो इमामुद्दीन तथा सरपंच फौजदार मौके पर पहुंच कर किसी तरह दोनों गुटों क ो […]

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छत्तरगाछ : प्रखंड अंतर्गत मदरसा दारूल उलुम कादिरिया नुरिया छमटिया में मदरसा भवन निर्माण को लेकर बीते रविवार को दो गुटों में झड़प हो गयी. हालांकि सूचना पाकर प्रशिक्षु डीएसपी सह पोठिया थानाध्यक्ष पंकज कुमार, सीओ समीर कुमार, स्थानीय मुखिया मो इमामुद्दीन तथा सरपंच फौजदार मौके

पर पहुंच कर किसी तरह दोनों गुटों क ो समझा बुझा कर मामले को शांत कराया तथा तत्काल मदरसा के भवन निर्माण कार्य को रोक दिया गया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार सारोगोड़ा पंचायत स्थित मदरसा दारूल उलुम कादिरिया नूरिया जिसका प्रस्वीकृति संख्या 2643एएफएफ दिनांक 31.3.1987 को बिहार मदरसा बोर्ड से लिया गया है.
उक्त मदरसा में छमटिया निवासी धूमबक्स तथा खुर्शीद अली ने स्वच्छता से 52 डिसमिल जमीन भी 1985 में दान किया है तथा मदरसा की सुचारू रूप से चलाने हेते एक प्रबंध समिति का गठन किया था. प्रबंधन समिति के द्वारा तथा आम जनता की राय से उक्त मदरसा में मो जाहिदुर्रहमान, प्रधान मौलवी मो अबुल कासमी, आलीम मो रिहान फिरदौस, मो मुज्जमील हक, मो बदरूद्दीन तथा मुफस्सीर को हाफिज पद पर बहाल किया गया था.
तब से यह सभी मौलवी व शिक्षक गण मदरसा में अपना योगदान देते आ रहे है. वहीं शिक्षक बदरूद्दीन, मो मुज्जमील, मौलवी रिहान फिरदौस तथा हाफिज मुफस्सीर आलम सहित कमेटी के सचिव हिर मोहम्मद अध्यक्ष मो खातिब आलम, सदस्य लतीफुर्रहमान, खुर्शिद अली आदि ने प्रधान मौलवी पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान मौलवी जाहिदुर्रहमान द्वारा जालसाजी कर पुराने कमेटी को बदल दिया गया.
वहीं नहीं मोटी रकम लेकर मदरसा में कार्यरत शिक्षकों तथा मौलवियों का नाम हटा कर दूसरे को बहाल कर लिया गया और डीइओ द्वारा स्थलीय जांच करा कर चुपचाप बिहार मदरसा बोर्ड को सौंप दिया गया है. इसकी भनक हम लोगों को लगा तो 17.12.14 को बीइओ द्वारा मदरसा का स्थलीय जांच रिपोर्ट डीइओ को सुपूर्द कर दिया.
इधर स्थानीय ग्रामीणों मदरसा में कार्यरत शिक्षकों मौलवियों सहित प्रबंध समिति के अध्यक्ष सचिव तथा सदस्यों के जिला पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए प्रधान मौलवी जाहिदुर्रहमान पर कार्रवाई करते हुए न्याय की गुहार लगायी है.
ज्ञात हो कि राज्य सरकार द्वारा सहायक अनुदान के भुगतान हेतु संलग्न सूचीबद्ध मदरसा के कार्यरत शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मियों को नियत वेतन का भुगतान एक दिसंबर 2015 से बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के माध्यम से विहित प्रक्रिया के अनुसार किया जाना है. इसमें वित्त विभाग की सहमति प्राप्त है. जिसमें 590 वस्तानिया तथा 19 फोकानिया स्तर को सहायक अनुदान देने का निर्णय लिया गया है.
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