12.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

बारिश के अभाव में सूख रहे धान, किसान हताश

रंजीत रामदास, किशनगंज : जुलाई-अगस्त महीने में कम बारिश होने का सीधा असर धान की फसलों पर पड़ा है. बारिश नहीं होने से धान की खेतों में दरार पड़ने लगा है. किसान आसमान की ओर टकटकी लगाये हुए हैं. कड़कड़ाती धूप व गर्मी से लोग बेहाल है. पानी से लबालब रहनेवाली बरसाती नदियां सूख रही […]

रंजीत रामदास, किशनगंज : जुलाई-अगस्त महीने में कम बारिश होने का सीधा असर धान की फसलों पर पड़ा है. बारिश नहीं होने से धान की खेतों में दरार पड़ने लगा है. किसान आसमान की ओर टकटकी लगाये हुए हैं.

कड़कड़ाती धूप व गर्मी से लोग बेहाल है. पानी से लबालब रहनेवाली बरसाती नदियां सूख रही है. खेतों में पड़ी दरारें बारिश के अभाव में दिनों दिन चौड़ी होती जा रही है. किसान हैरान-परेशान है. किसानों में सुखाड़ की आशंका घर करने लगी है. सुखाड़ की बात मन में आने पर किसानों का हाथ-पैर फूलने लगा है.
किसानों की जमा पूंजी धान के पौधे को बचाने में डीजल इंजन के धुएं में उड़ रही है. जिले के कमोवेश सभी 126 पंचायत के किसान परेशान. लगातार तेज धूप से रबी फसल पर प्रतिकूल असर दिख रहा है. धान के पौधे पीले पड़ गया है. फसल पर रोग का प्रकोप बारिश नहीं होने से फसल पर रोगों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. हरदा रोग, गलका रोग, पत्ती पीला होना, ब्लास्ट रोग, भनभनिया रोग से किसान परेशान हैं.
किसानों को डीजल इंजन से खेत की पटवन पर प्रति घंटे 110 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. जिन किसानों के पास अपना डीजल इंजन है तो उन्हें केवल डीजल पर खर्च करना पड़ रहा है, लेकिन जिन किसानों के पास डीजल इंजन नहीं है, उन्हें किराये पर पटवन करना पड़ रहा है. किराये पर पटवन करने के लिए 60 रुपये प्रति घंटा इंजन का किराया देना पड़ता है. इसके बाद एक घंटा के लिए एक लीटर डीजल भी देना पड़ता है. एक घंटा में डीजल इंजन से अधिक से अधिक पांच कट्ठा खेत की पटवन होती है.
पहले बारिश ने की बेरूखी, अब प्रशासन भी नहीं कर रहा मदद
इस बार बारिश की बेरुखी के कारण वह अपने खेत में फसल लगाने के लिए पंप सेट मशीन का इस्तेमाल कर धान की फसल को पानी दे रहे हैं. लेकिन कड़ी धूप के कारण पानी खेतों में नहीं टिक पा रहा है. ऐसे में अब खेतों से भरोसा उठ रहा है.
मो जुबेर आलम, किसान
कुछ संघर्षशील किसान हिम्मत करके अगर पंप सेट मशीन आदि के द्वारा पटवन कर धान लगाने या पानी पटाने का हिम्मत जुटा भी रहे हैं, तो ऊपर से पड़ने वाली इस प्रचंड गर्मी में वह पानी खेतों में रह नहीं रहा है. अभी तक डीजल अनुदान नहीं मिल सका है.
मो रज्जाक, किसान
जून में बारिश अच्छी हुई लेकिन जुलाई व अगस्त में मानसून के कमजोर हो जाने के कारण किसानों की समस्या बढ़ गयी है. एक तरफ धान लगे हुए खेत सुख रहा है. कहीं-कहीं तेज धूप के कारण जमीन बंजर बन चुका है. जिसके कारण धान का पौधे भी सूखने लगा है.
फकरे आलम,किसान
गत दो महीने में सबसे कम बारिश व कड़ी धूप होने से धान फसल सूखने लगा है. निजी पंप मशीन से पटवन के बावजूद खेत सूखने लगा है. बारिश नहीं होने से किसान परेशान व मायूस हो गये है. अब खेती करना दूभर हो गया है.
वीरेंद्र प्रसाद, किसान
कहते है अधिकारी
जिले में गत महीने बारिश कम हुई है. सोमवार को जिले के कुछ इलाके में बारिश हुई है. किसानों को डीजल अनुदान के लिये ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुआ है. किसानों को डीजल अनुदान दिया जा रहा है.
संतलाल प्रसाद साहा,डीएओ,किशनगंज
Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel