किशनगंज : धरती के ‘भगवान’ कहे जानेवाले चिकित्सक ने छुआछूत के कारण एक गर्भवती महिला का प्रसव करने से इनकार कर दिया. इसका खामियाजा गर्भवती महिला को भुगतना पड़ा. गर्भ में पल रहे उसके बच्चे की मौत इलाज के अभाव में हो गयी. बताया जाता है कि गर्भवती महिला तीन दिनों से अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी रही और किसी चिकित्सक ने उसे देखा तक नहीं. घटना किशनगंज के सदर अस्पताल की है.
जानकारी के मुताबिक, गर्भवती महिला वंदना देवी प्रसव के लिए किशनगंज के सदर अस्पताल में तीन दिन पहले भरती हुई थी. तीन दिनों से अस्पताल में भरती गर्भवती महिला को किसी चिकित्सक ने छुआ तक नहीं. प्रसव कराने आयी महिला के डोम जाति से होने के कारण चिकित्सकों ने इलाज करने से इनकार कर दिया. गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर जब परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू किया, तब आनन-फानन में उसका प्रसव कराया गया. लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गयी. पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि इलाज के लिए सभी जरूरी दवाएं लेकर हम तैयार हैं. लेकिन, किसी ने दिया ही नहीं. साथ ही चिकित्सकों पर छुआछूत का आरोप लगाया.
अस्पताल के चिकित्सकों से जब लापरवाही और छुआछूत के संबंध में पूछा गया, तो वे एक-दूसरे पर सारा ठीकरा फोड़ रहे हैं. वहीं, किशनगंज के सिविल सर्जन परशुराम प्रसाद ने घटना के संबंध में बताया है कि मामले की जांच करायी जायेगी. साथ ही उन्होंने दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई का भी भरोसा दिया है.