बाढ़ से तबाही . राहत सामग्री नहीं िमलने पर प्रशासन के खिलाफ लोगों का फूटा गुस्सा
एनएच 31 पर यातायात सेवा ठप्प होने से कई किमी तक लगा लंबा जाम
किशनगंज : बंगाल बिहार सीमा से सटे खगड़ा रामपुर चेक पोस्ट समीप आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने आगजनी कर एनएच31 को घंटो जाम किया. आक्रोशित लोगों को समझाने एवं जाम को खुलवाने जिला प्रशासन की ओर से पहुंचे एसडीओ मो शफीक, एसडीपीओ कामिनी वाला एवं टाउन थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार राय का स्थानीय लोगों ने घेराव किया़ बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा जिला प्रशासन के खिलाफ अत्यधिक दिखा़ पीड़ितों का कहना था कि बाढ़ में फंसे लोगों के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं मिली और ना ही कोई एक बार भी बाढ़ में फंसे हुए लोगों की सुधि लेने आया़ वहीं मृत व्यक्ति के परिजनों द्वारा शव को खोजने की मांग की गयी़
बाढ़ के पानी में डूब कर मृत्यु हो जाने की वजह से घंटों तक शव की खोज ना करने पर परिजनों का गुस्सा फुटा़ स्थानीय लोगों ने बिजली व मोबाइल नेटवर्क सेवा जल्द प्रारंभ करने की मांग की़ बाढ के पानी में फंसे बीमार लोगों के लिए दवाई एवं उन्हें अस्पताल पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराने की भी लोगों द्वारा मांग की गयी़ घंटों तक एनएच 31 पर यातायात सेवा ठप्प होने से कई किमी तक लंबा जाम लग गया़ जिससे कई सवारियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा़ इस दौरान नार्थ बंगाल आर्म्ड पुलिस के आइजी महबूब रहमान ने वाहन को भी आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने रोका़ आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने आइजी महबूब रहमान से बंगाल के तिस्ता डैम से अचानक बिना किसी सूचना के बांध का पानी छोड़ने पर काफी तीखे सवाल किये तथा उनसे जवाब मांगा़ आइजी महबूब आलम ने आक्रोशित लोगों को समझाते हुए कहा कि मैं कोलकाता जाउंगा और वहां जाकर बंगाल सरकार से आपकी समस्याओं को साझा करूंगा़ आइजी ने एसडीओ से मुलाकात कर पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात की़ वहीं घंटों की मशक्कत के बाद जिला प्रशासन की टीम ने आक्रोशित लोगों को समझा कर जाम हटवाया तथा यातायात सेवा प्रारंभ करवाया.
पीड़ितों के घर बढ़ा चोरी का खतरा. किशनगंज. जिला मुख्यालय में बाढ़ पीड़ितों के घरों पर चोरी का खतरा बढता जा रहा है़ निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने की वजह से लोग अपने घरों पर ताला लगा कर उंचे इलाकों में रहने को विवश है़ वहीं इसका फायदा चोर उठा रहे है़ तेघरिया के इंदरबाड़ी में 6 फीट से आठ फीट तक पानी भर जाने की वजह से परिवार के सभी सदस्य अपने घरों को छोड़ कई सरकारी स्कूलों एवं भवनों में शरण लेने को मजबूर है़ बाढ़ के पानी का जल स्तर घटने के बाद जब लोग अपने घर पर गये तो वहां देखा घर का ताला टूटा हुआ है और घर से कई कीमती सामान की चोरी हो गयी है़ इसमें से कई घरों से सिलेंडर, गैस, एल्यूमिनियम के बतरन तथा कुछ घरों में कीमती गहनों पर भी चोरों ने हाथ साफ किया़ पीडि़त बाढ़ के पानी से खुद परेशान है़ इसलिए अभी तक सदर थाना को सूचना नहीं दे सके है़
