Kisan News: कम लागत में अधिक लाभ देता है अमृत कृषि पद्धति

Updated at : 04 Jul 2023 4:43 AM (IST)
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Kisan News: कम लागत में अधिक लाभ देता है अमृत कृषि पद्धति

अमृत कृषि पद्धति कम लागत- कम मेहनत-कम पानी में अधिक पोषक तत्वों से भरपूर और अधिक लाभ कमाने की पद्धति है. यह पर्यावरण के अनुकूल पद्धति है. इस पद्धति के द्वारा उत्पादित अनाज, सब्जी, फल पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य मिलता है.

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औरंगाबाद: दाउदनगर में देवराजे ऑर्गेनाइजेशन फॉर सोशल सर्विसेज के तत्वावधान में नाबार्ड औरंगाबाद के सहयोग से किसान व भाजपा के दाउदनगर ग्रामीण मंडल के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह की पहल पर मखरा गांव में प्राकृतिक खेती की पद्धति अमृत कृषि की जानकारी प्रदान करने के लिए शिव मंदिर प्रांगण में संगोष्ठी का आयोजन किया गया. मुख्य वक्ता के रूप में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय रांची के कृषि विशेषज्ञ रवींद्र कुमार उपस्थित थे. उन्होंने रासायनिक खेती से हो रहे नुकसान के बारे में बताया.

कम लागत- कम मेहनत-कम पानी में अधिक पोषक अनाज

उन्होंने कहा कि अधिक उत्पादन के चक्कर में रसायनिक खादों का अधिक मात्रा में उपयोग किया जा रहा है. उससे आर्थिक व शारीरिक नुकसान हो रहा है. हमारा पारिवारिक सामाजिक परिवेश बदल रहा है. अमृत कृषि से होने वाले लाभ के बारे में बताया गया कि अमृत कृषि पद्धति कम लागत- कम मेहनत-कम पानी में अधिक पोषक तत्वों से भरपूर और अधिक लाभ कमाने की पद्धति है. यह पर्यावरण के अनुकूल पद्धति है. इस पद्धति के द्वारा उत्पादित अनाज, सब्जी, फल पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य मिलता है. श्री सिंह ने बताया कि उनके यहां इस विधि की शुरुआत की गयी और प्रथम विधि में का अमृत जल बनाया गया.

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गोमूत्र, गोबर गुड़ के साथ पानी के मिश्रण से तैयार होता है अमृत जल

गोमूत्र, गोबर गुड़ के साथ पानी का मिश्रण कर एक 100 लीटर पानी के साथ अमृत जल बनाया गया. यह अमृत जल तीन दिन बाद उपयोग के लिए तैयार रहेगा. फसलों पर इसका छिड़काव किया जाने लगेगा. जिससे फसलों में फल-फूल अच्छा निकलेगा. अमृत मिट्टी भी जल्द ही बनाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी, जो खाद के काम में आयेगा और रासायनिक खाद का उपयोग बंद होगा. मौके पर संस्था के सचिव प्रशांत ओझा, खुशी कुमारी, बॉबी देओल, प्रीति कुमारी, रिया कुमारी, खुशी कुमारी, राहुल कुमार, मानिक चंद्र शर्मा, राजकुमार शर्मा, चितरंजन पांडेय, उमेश यादव, राम मनोहर पांडेय, रामानुज शर्मा, अशोक शर्मा, सोहर यादव, वीरेंद्र यादव, हरि प्रसाद सिंह, नारायण यादव, विजय यादव, अंबिका मिस्त्री आदि मौजूद थे.

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