सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला फेनगो हॉल्ट पर यात्रियों के लिए नहीं है पानी पीने की व्यवस्था

Published by :RAJKISHORE SINGH
Published at :26 Apr 2026 9:08 PM (IST)
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सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला फेनगो हॉल्ट पर यात्रियों के लिए नहीं है पानी पीने की व्यवस्था

सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला फेनगो हॉल्ट पर यात्रियों के लिए नहीं है पानी पीने की व्यवस्था

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चौथम. मानसी-सहरसा रेलखंड पर स्थित फनगो हाल्ट पर यात्री सुविधाओं का अभाव है. यात्रियों को पानी पीने की व्यवस्था नहीं है. ना ही शेड की व्यवस्था है. जबकि सबसे अधिक राजस्व देने वाला हाल्ट में शामिल फेनगो हॉल्ट है. बताया जाता है कि 14 जुलाई 2002 को स्थापित इस हाल्ट पर न यात्री शेड है, न पीने के पानी की समुचित व्यवस्था और न ही रात में पर्याप्त रोशनी की सुविधा. प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में यात्री इस हाल्ट से सफर करते हैं. जिससे रेलवे को अच्छा राजस्व प्राप्त होता है. इसके बावजूद सुविधाओं के नाम पर यहां सिर्फ नाम मात्र की व्यवस्था है. बरसात के दिनों में यात्री खुले आसमान के नीचे ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर रहते हैं. जबकि गर्मी में तपती धूप और सर्दी में ठंडी हवा के बीच यात्रियों को खड़े रहना पड़ता है. स्थानीय ग्रामीण दिनेश साह ने बताया कि फनगो हाल्ट से रेलवे को अच्छी आय होती है. लेकिन सुविधाओं की स्थिति बेहद दयनीय है. उन्होंने कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों और रेलवे अधिकारियों से मांग की गयी. लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. स्थानीय श्यामसुंदर शर्मा ने कहा कि प्लेटफार्म का हाइट कम रहने के कारण बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे ट्रेन पर चढ़ने-उतरने में जोखिम उठाना पड़ता है. रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं रहने से असामाजिक तत्वों का भी डर बना रहता है. वहीं बुच्चा पंचायत के सरपंच देवन सिंह ने बताया कि फनगो हाल्ट क्षेत्र के कई गांवों के लोगों के लिए जीवनरेखा है. उन्होंने रेलवे प्रशासन से यात्री शेड, शौचालय, पेयजल, हाई मास्ट लाइट और प्लेटफार्म विस्तार की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही आवश्यक सुविधाएं बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे.

40-50 हजार आबादी की एकमात्र रेल सुविधा

जानकारी के लिए बता दें कि चौथम प्रखंड के फनगो, सरसाबा, गुलरिया, धमारा, श्रीनगर, बुच्चा समेत दर्जनों गांवों के लोग इसी हाल्ट से अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं. प्रतिदिन हजारों यात्री यहां से सफर करते हैं. स्थानीय लोगों ने कहा कि हर दिन 4 से 5 हजार रुपये का टिकट कटता है. प्रतिमाह एक लाख रुपये से अधिक का राजस्व रेलवे को प्राप्त होता है.

नहीं है शेड, पानी और रोशनी

ग्रामीण रामकृष्ण सिंह, विंदेश्वरी सिंह, रामबहादुर सिंह, हरेराम सिंह ने बताया कि फनगो हाल्ट बनने के बाद से अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. चंदन कुमार व फूलो सिंह ने बताया कि यात्री शेड नहीं रहने से धूप और बारिश में यात्रियों को जमीन पर बैठकर इंतजार करना पड़ता है. जबकि हॉल्ट पर लगे दो चापाकल वर्षों से खराब पड़े हैं. शौचालय भी जर्जर अवस्था में हैं. रात में एक भी लाइट नहीं जलने से अंधेरा छा जाता है. जिससे यात्री असुरक्षित महसूस करते हैं. शाम ढलते ही हॉल्ट खाली करना मजबूरी बन जाती है.

जर्जर टिकट काउंटर, हादसे की आशंका

फनगो हाल्ट अभिकर्ता कुमारी सोनी राज ने बताया कि टिकट काउंटर जर्जर हालत में है. बारिश के समय काफी परेशानी होती है. उन्होंने कई बार संबंधित पीआईडब्ल्यू को लिखित आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक सुधार नहीं हुआ. हाल्ट संचालक मणिकांत सिंह ने बताया कि छोटी लाइन के हिसाब से बना प्लेटफार्म का ऊंचाई कम है. जिससे कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं. साफ-सफाई के लिए कोई कर्मी नहीं होने से परिसर में कचरा फैला रहता है.

सबसे अधिक राजस्व देने वाला हॉल्ट

सहरसा-समस्तीपुर डिवीजन के बीच सबसे अधिक राजस्व देने वाले हाल्ट फेनगो हाल्ट की पहचान है. इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव रेलवे व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. ग्रामीण मोहम्मद सद्दाम, रामकृष्ण सिंह, आजाद सिंह, सुजीत सिंह, सोनेलाल चौधरी, इंदल मलिक, पुष्प राज सहित दर्जनों लोगों ने शीघ्र सुविधा बहाल करने की मांग की है.

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