19 मार्च को डोली पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा
Updated at : 09 Mar 2026 9:21 PM (IST)
विज्ञापन

आगामी 19 मार्च से कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय चैत नवरात्र शुरू हो रही है. इस बार माता का आगमन डोली पर हो रही है, जोकि अशुभ संकेत माना गया है.
विज्ञापन
कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय नवरात्र 19 से शुरू
खगड़िया/गोगरी. आगामी 19 मार्च से कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय चैत नवरात्र शुरू हो रही है. इस बार माता का आगमन डोली पर हो रही है, जोकि अशुभ संकेत माना गया है. वहीं दूसरी ओर शहर के चैती दुर्गा मंदिरों में पूजा के आयोजन को लेकर तैयारी जोर शोर से की जा रही है. शहर के पूरब केबिन रोड स्थित शेरावाली माता मंदिर सहित बड़ी बसंती चैती दुर्गा मंदिर राजेंद्र चौक द्वारा हर साल भव्य तरीके से चैती दुर्गा पूजा मेला का आयोजन किया जाता रहा है. इस साल भी पूजा समितियों द्वारा तैयारी की जा रही है. इस वर्ष चैत्र वासंतिक नवरात्रि का श्रीगणेश 19 मार्च को और समापन 27 मार्च को होगा. 25 मार्च को निशा पूजा और 27 मार्च को नवमी मनायी जायेगी. हालांकि पूर्णाहुति का कार्य 26 मार्च की शाम से ही शुरू हो जायेगा. इस वर्ष माता डोली पर सवार होकर आ रही है. नवरात्रि के पहले दिन शुक्ल और ब्रह्म योग के साथ उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र का संयोग बन रहा है जो शुभ फलदायक रहेगा. गोगरी के भोजुआ निवासी प्रकांड ज्योतिषाचार्य डॉक्टर शुभम सावर्ण ने बताया कि वैसे साल में चार नवरात्रि आते हैं. इसमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि महत्वपूर्ण माने गए हैं. माघ और आषाढ़ के नवरात्र गुप्त माने जाते हैं. इनमें योगी गुप्त व्रत रखते हैं. इस वर्ष चैत्र नवरात्रि चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:40 बजे से शुरू हो रही है. जो 20 मार्च की सुबह पांच बज कर 25 मिनट तक रहेगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार नवरात्रि का श्री गणेश और कलश स्थापना 19 मार्च को ही होगा. नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विधान है. इससे देवी प्रसन्न होती हैं. कलश में ब्रह्मा, विष्णु, महेश और मातृगण का निवास माना जाता है. इसकी स्थापना से जातक को शुभ परिणाम मिलते हैं. आचार्य डॉक्टर सावर्ण ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन शुक्ल और ब्रह्म योग के साथ उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का संयोग बन रहा है. यह अति शुभ फलदायी है. पंडित शुभम सावर्ण बताते हैं कि नवरात्रि संस्कृत का शब्द है. इसका अर्थ नौ रात है. इन नौ दिनों में उपवास रखकर दुर्गा देवी की पूजा की जाती है. दुर्गा सप्तशती का पाठ, दुर्गा स्त्रोत और दुर्गा चालीसा के साथ रामचरितमानस का भी पाठ किया जाता है. भक्ति भाव से आराधना करने से दुर्गा मां प्रसन्न होती हैं. उन्होंने बताया कि इस बार माता का आगमन डोली पर गुरुवार को हो रहा है. नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार से होती है तो माना जाता है कि माता डोली का आगमन डोली पर होता है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




