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बाल श्रमिक से काम कराने की शिकायत कमिश्नर तक पहुंचा

Updated at : 31 Mar 2025 9:59 PM (IST)
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बाल श्रमिक से काम कराने की शिकायत कमिश्नर तक पहुंचा

बाल श्रमिक से काम कराने की शिकायत कमिश्नर तक पहुंचा

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गोगरी. प्रखंड के गोगरी पंचायत में मुखिया द्वारा सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता करने और बाल श्रमिक से काम कराने का मामला सामने आया है. इसको लेकर गोगरी निवासी अक्षय कुमार ने प्रमंडलीय आयुक्त को आवेदन देकर शिकायत की है. आयुक्त ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को मामले की जांच करने का आदेश दिया.

टीम ने की जांच

बता दें कि आयुक्त ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को तलब किया गया और गठित टीम ने गोगरी पंचायत में पहुंचकर शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की. इस दौरान शिकायतकर्ता भी मौजूद थे. जांच टीम ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दिया. वहीं आयुक्त के पास भी जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने जांच रिपोर्ट सौंप दिया है.

क्या है मामला

शिकायतकर्ता ने बताया कि गोगरी पंचायत के वार्ड तीन में बनाये गये सड़क निर्माण कार्य में बिना योजना बोर्ड लगाए और बिना पंचायत सचिव सह अभिकर्ता के अनुपस्थिति में मजदूर के जगह 10 वर्ष से कम उम्र वाले बाल श्रमिक से कार्य कराया गया है, जिसका फोटो और वीडियो भी साक्ष्य के तौर पर मौजूद है. इसकी शिकायत जिला पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी से की. इसको लेकर बीते दिन पदाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी, लेकिन सभी ने मामले को टाल मटोल कर दबा दिया. जिसके बाद उक्त मामले की शिकायत के लिए कमिश्नर का दरवाजा को खटखटाना पड़ा है.

क्या है नियम

14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को किसी भी कार्य में नियोजित करना दंडनीय अपराध है. 15 से 18 साल की उम्र के बीच किशोरों को खतरनाक काम यानी व्यवसायों और प्रक्रियाओं में शामिल होने से मना है, फिर भी कुछ लोग जानबूझकर ऐसे काम करते हैं. ऐसा काम करने वाले को 50 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है. न केवल जुर्माना, बल्कि किसी भी काम में बच्चे को और पेशेवर काम में किशोर को नियोजित करने पर दो साल तक की कैद की सजा हो सकती है. वहीं जुर्माना व सजा दोनों हो सकती है, जबकि बाल श्रमिकों और किशोरों से दूसरी बार काम कराने पर तीन साल तक की कैद की सजा हो सकती है.

कमिश्नर के आदेश पर टिकी है नजर

इधर शिकायत के बाद गोगरी पंचायत के वर्तमान मुखिया, पंचायत सचिव सहित अन्य पदाधिकारी का सांस मानो अटक सा गया है. सभी की नजर प्रमंडलीय आयुक्त के आदेश पर टिकी हुई है.

कहते हैं बीडीओ

गोगरी पंचायत में सड़क निर्माण में हुए अनियमितता और बाल श्रमिक से कराये गये काम की शिकायत की जानकारी मिली है. हालांकि इस जांच टीम से हमको अलग रखा गया है. जांच के बाद वरीय पदाधिकारी का जैसा आदेश आएगा. उसके अनुसार कार्रवाई किया जायेगा.

राजाराम पंडित, बीडीओ, गोगरी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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