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एसबीआई कर्मी ने जीविका समूह के रुपये का किया गोलमाल, दीदियों ने बैंक मैनेजर को सुनायी परेशानी

Updated at : 03 Sep 2025 10:29 PM (IST)
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एसबीआई कर्मी ने जीविका समूह के रुपये का किया गोलमाल, दीदियों ने बैंक मैनेजर को सुनायी परेशानी

मामला गौशाला रोड स्थित एसबीआई शाखा सन्हौली का

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-मामला गौशाला रोड स्थित एसबीआई शाखा सन्हौली का

-सावित्री जीविका ग्राम महिला स्वयं संगठन सबलपुर के सचिव ने चार माह पहले जमा की थी 50 हजार रुपये

-बैंक कर्मी ने सचिव को दिया जमा पर्ची, खाते में नहीं जमा हुए रुपये

अमित कुमार,

खगड़िया

एसबीआई सन्हौली शाखा में जीविका के सचिव बबीता देवी ने चार माह पहले 50 हजार रुपये जमा की थी. बैंक कर्मी द्वारा जीविका समूह के सचिव को पावती रशीद भी दिया गया, लेकिन आज तक जीविका समूह के खाते में राशि जमा नहीं हो पायी. आक्रोशित जीविका दीदियों ने बुधवार को एसबीआई पहुंचकर शाखा प्रबंधक व बैंक कर्मी को खरी-खोटी सुनायी. बैंक कर्मी पर कार्रवाई की मांग की है. शाखा प्रबंधक ने जीविका दीदियों से तीन दिनों का समय मांगा है. जीविका दीदियों ने कहा है कि आगामी शनिवार तक समूह के खाता में राशि जमा नहीं हुआ तो वे लोग बैंक के समक्ष धरना बैठेंगे. मालूम हो कि सावित्री जीविका ग्राम महिला स्वयं संगठन सबलपुर के सचिव बबीता देवी ने 21 अप्रैल 2025 को 50 हजार रुपये खाता में जमा करायी थी.

बैंक कर्मी से टूटता जा रहा है विश्वास

सावित्री जीविका ग्राम महिला स्वयं संगठन सबलपुर के अध्यक्ष सीता देवी, कोषाध्यक्ष मनीता देवी, सचिव बबीता देवी, समूह के रिंकू कुमारी, रविना परवीन,सीएम कंचन कुमारी, विमला देवी, सुनीता देवी ने बताया कि एसबीआई बैंक कर्मी द्वारा कम पढ़े लिखे महिलाओं को ठगा जाता है. बैंक कर्मी पर से विश्वास टूटता जा रहा है. बताया कि बीते 21 अप्रैल 25 को एसबीआई सन्हौली में संगठन के सचिव बबीता देवी 50 हजार रुपये जीविका संगठन के खाता में जमा करायी थी. कैश काउंटर पर तैनात कैशियर रविन्द्र कुमार द्वारा जमा पर्ची भी दिया गया. कैशियर द्वारा बताया गया कि रुपये खाते में भेज दिया गया. जिसके बाद बबीता देवी चली गयी. बताया कि बीते चार माह से सावित्री जीविका संगठन का लेखा जोखा नहीं हुआ था ना ही बैंक पासबुक का अपडेट कराया गया था. बीते एक सितंबर को संगठन के रुपये का हिसाब किया गया तो बैंक पासबुक में 50 हजार रुपये का हिसाब नहीं था. जिसके बाद जीविका संगठन के सीसीए को सूचना दी गयी. जीविका के सीसीए ने बैंक प्रबंधक से मिलकर जानकारी ली तो रुपये का गोलमाल का पता चला.

कैशियर ने दो बार 50-50 हजार रुपये का किया गोलमाल

जीविका दीदियों ने बताया कि ज्योति जीविका ग्राम संगठन सबलपुर के तुलसी देवी ने बीते 19 मई 2025 को 50 हजार रुपये कैशियर रविन्द्र कुमार को जमा करने दिया. कैशियर द्वारा कहा गया कि रुपये जमा हो गया और जमा पर्ची थमा दिया. जीविका दीदी तुलसी देवी घर चली गयी. बताया कि दो माह तक जीविका संगठन का लेखा जोखा नहीं हुआ था. बीते 18 अगस्त 2025 को जब रुपये का मिलान किया गया तो पासबुक पर 50 हजार रुपये का हिसाब नहीं था. जिसके बाद जीविका समूह के अध्यक्ष, सचिव व कोषाध्यक्ष द्वारा बैंक प्रबंधक से शिकायत किया गया. कैशियर ने भूलवश कहकर जीविका समूह के खाते में 50 हजार भेज दिया. बताया कि बैंक कैशियर द्वारा जीविका समूह के महिलाओं व अन्य ग्राहक के साथ रुपये का गोलमाल करता है.

कैशियर ने जीविका सचिव को थमाया जमा पर्ची, संगठन ने की कानूनी कार्रवाई की मांग

जीविका समूह के सीता देवी, बबीता देवी व मनिता देवी ने बताया कि एसबीआई बैंक सन्हौली में कैशियर द्वारा रुपये जमा करने के बाद जमा पर्ची थमा दिया. कैशियर द्वारा बार बार महिलाओं के साथ धोखाधड़ी किया जाता है. महिला ग्राहक के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है. महिलाओं ने बैंक प्रबंधक को कैशियर के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई एवं हटाने की मांग की है. बताया कि बैंक विश्वास व भरोसा का है. अगर में बैंक में धोखाधड़ी व फर्जीवाड़ा करने लगे तो जमापूंजी कहा जमा करेंगे. बताया कि बैंक ग्राहक महिनों मेहनत कर रुपये जमा करते हैं, मेहनत की कमाई पर तिरछी नजर बैंक कर्मी की पर जाय, तो ग्राहक असुरक्षित महसूस करेंगे.

चोरी पकड़े जाने पर कैशियर फाड़ देते हैं जमा पर्ची, फिर देते हैं नया जमा पर्जी

जीविका दीदियों ने बताया कि बैंक कैशियर रविन्द्र की चोरी पकड़ी जाती है तो जमा पर्ची का फाड़ दिया जाता है. कैशियर द्वारा भूलवश व टेकनिकल परेशानी कह कर मामले की लीपापोती कर दी जाती है. इसके बाद कैशियर द्वारा संगठन के बैंक खाता में रुपये जमा कर तुरंत नया जमा पर्ची थमा दिया जाता है. बताया कि बैंक कर्मी द्वारा ग्राहकों के साथ रुपये का गबन व धोखाधड़ी किया जाता है. कैशियर का बैंक खाता व मोबाइल की जांच की जाय तो मामले का खुलासा हो सकता है. इसके अलावे बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाय.

बैंक प्रबंधक भी सवालों के घेरे में, जवाब गोलमटोल

बताया जाता है कि बैंक में लेन देन का कैशियर से लेकर बैंक प्रबंधक भी रखते हैं. कितना रुपये जमा हुआ, कितना रुपये निकासी है. किसी ग्राहक को कितना रुपये भेजा गया, किस ग्राहक से कितना रुपये जमा लिया गया. सभी का लेखा-जोखा बैंक प्रबंधक के पास होता है. अगर, तकनीकी प्रोब्लम हुआ होगा तो 50 हजार रुपये एडवांस शो करता होता. फिर बैंक प्रबंधक तुरंत रुपये का हिसाब क्यों नहीं किया. चार माह बाद जीविका संगठन द्वारा शिकायत करने पर नींद क्यों खुली. वो भी जवाब गोलमटोल क्यों. शिकायत के बाद आरोपी बैंक कर्मी से काम लिया जा रहा है.

कहते हैं एसबीआई बैंक प्रबंधक

सन्हौली एसबीआई के बैंक प्रबंधक बिहारी कुंज ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है. कर्मी से पूछताछ की जायेगी. रुपये जमा करने में कहां गलती हुई है. तकनीकी एक्सपर्ट से मामले की जांच करायी जायेगी. जांच में सत्य पाए जाने पर कर्मी के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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