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गंभीर रोग से ग्रसित रेफर मरीज का कराया जायेगा पटना में इलाज: सिविल सर्जन

Updated at : 30 May 2025 9:21 PM (IST)
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गंभीर रोग से ग्रसित रेफर मरीज का कराया जायेगा पटना में इलाज: सिविल सर्जन

गांव-देहात के लोगों के बीच जागरूकता का अभाव है.

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बिचौलिया व दलाल के कमीशन के चक्कर में मरीजों का हो रहा आर्थिक दोहन व मौत

सदर अस्पताल में मरीजों के लिए सभी सुविधाएं हैं उपलब्ध

खगड़िया. सदर अस्पताल के आस-पास लगभग दर्जन फर्जी नर्सिंग होम व अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन किया जा रहा है. जिसकी जानकारी बीस मीटर दूर बैठे सिविल सर्जन को नहीं मिल पा रही है. सदर अस्पताल के आस-पास फर्जी नर्सिंग होम में मरीजों की मौत होती रहती है. हंगामा होने पर सेटलमेंट किया जाता है. लेकिन शुक्रवार को सिविल सर्जन रमेंद्र कुमार ने प्रेसवार्ता कर कहा कि गांव-देहात के लोगों के बीच जागरूकता का अभाव है. जिसके कारण मरीज बिचौलिया व दलाल के चंगुल में फंसकर निजी नर्सिंग होम में इलाज कराने चले जाते हैं. दलाल द्वारा परेशान मरीज व अभिभावक को दिगभ्रमित कर फर्जी निजी नर्सिंग होम व क्लिनिक में भर्ती कराते हैं. जहां मरीजों का आर्थिक दोहन होता ही है. साथ ही जान का भी खतरा बना रहता है. सीएस ने कहा कि अधिकांश निजी नर्सिंग होम में अनट्रेंड स्वास्थ्य कर्मी को बहाल कर ड्यूटी लिया जाता है. सदर अस्पताल में लगभग सभी मुलभूत सुविधाएं व दवाएं उपलब्ध है. अस्पताल में 24 घंटे चिकित्सक उपलब्ध रहते हैं. इसके बावजूद मरीज निजी नर्सिंग होम, क्लिनिक में इलाज कराने जाते हैं. सीएस ने आमलोगों से अपील करते हुए कहा कि सदर अस्पताल में इलाज कराएं, स्वस्थ्य होकर घर जाएं. दलालों के चंगुल में ना फंसे.

गंभीर रोग से ग्रसित रेफर मरीज का कराया जायेगा पटना में इलाज

सीएस ने बताया कि सदर अस्पताल से गंभीर रोग से ग्रसित मरीज को रेफर किया जाता है तो वैसे मरीज का पटना के मेदांता अस्पताल में इलाज कराया जायेगा. मेदांता अस्पताल पटना में स्वास्थ्य विभाग का सौ सीट रिजर्व है. मरीज को आयुष्मान कार्ड होना चाहिए. मरीज को सदर अस्पताल से लेकर पटना तक जाने व इलाज में एक भी रुपये खर्च नहीं होगा. बताया कि आमलोगों को इसकी जानकारी होना बेहद जरूरी है. लोगों को जानकारी नहीं रहने के कारण निजी अस्पताल में इलाज कराने चले जाते हैं, जिसके कारण मरीज का आर्थिक दोहन व जान चला जाता है.

निजी अस्पताल के बोर्ड पर डिग्रीधारी डॉक्टर, पर इलाज करता है फर्जी डॉक्टर

सीएस ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि कई निजी अस्पताल के बोर्ड पर एमबीबीएस चिकित्सक का नाम रहता है, लेकिन इलाज अनट्रेंड व फर्जी चिकित्सक करते हैं. कहा कि एमबीबीएस चिकित्सक के नाम पर होमियोपैथ जैसे चिकित्सक इलाज करते हैं. जिसकी जानकारी मरीजों की नहीं होती है. इसके पीछे बिचौलिया व दलाल सक्रिय है. कमीशन के चक्कर में मरीज को मौत के मुंह में लेकर चला जाता है. मरीज स्वस्थ्य हो जाता है तो विश्वास हो जाता है,अगर घटनाएं होती है तो दोष स्वास्थ्य विभाग पर थोप दिया जाता है.

फर्जी नर्सिंग होम के विरुद्ध हो रही है कार्रवाई

सीएस ने कहा कि जिले में फर्जी नर्सिंग होम के विरुद्ध लगातार छापेमारी की जा रही है. छापेमारी के बाद तुरंत प्राथमिकी भी दर्ज करायी जा रही है. बताया कि बीते तीन दिन पूर्व अलौली सीएससी के समीप संचालित अवैध नर्सिंग होम पर छापेमारी की गयी थी. छापेमारी के दौरान फर्जी नर्सिंग होम की प्रमाणित होने पर थाना में प्राथमिकी करायी गयी है. बताया कि बीते बुधवार की रात डीएस द्वारा फर्जी नर्सिंग होम पर छापेमारी की गयी थी. जिसके बाद चित्रगुप्त नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. अवैध नर्सिंग होम व क्लिनिक की सूचना मिलने पर कार्रवाई की जायेगी. मौके पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नरेंद्र कुमार, प्रबंधक प्रणव कुमार मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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