ऑनलाइन डिजिटाइज्ड जमाबंदी में अशुद्धि व गड़बड़ी सुधार करने को लेकर लांच हुआ परिमार्जन प्लस पोर्टल
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 08 Jun 2024 11:43 PM
ऑनलाइन डिजिटाइज्ड जमाबंदी में अशुद्धि व गड़बड़ी सुधार करने को लेकर लांच हुआ परिमार्जन प्लस पोर्टल
खगड़िया. राजस्व व भूमि सुधार विभाग के द्वारा जमीन के दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन के दौरान हुई गड़बड़ी को सुधार करने के लिए परिमार्जन प्लस पोर्टल लांच किया है, जिसके जरीये रैयत खुद से घर बैठे ऑनलाइन सुधार कर सकते हैं. बता दें कि विभाग ने दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन के दौरान हुई गलतियां जैसे- नाम, पिता का नाम, पता, खाता, खेसरा, चौहद्दी व लगान में घर बैठे ऑनलाइन सुधार की व्यवस्था की है. इसके लिए परिमार्जन प्लस पोर्टल लांच किया है. इस पोर्टल के जरिए मिसिंग इंट्री को भी दर्ज करने की सुविधा दी गयी है. नई व्यवस्था के तहत रैयत को अपने नाम, पिता के नाम, जाति के साथ पता में हुई त्रुटि, डिजिटाइज्ड जमाबंदी में दर्ज खाता, खेसरा, रकबा व चौहद्दी की गलती या दर्ज नहीं होना व लगान संबंधी जानकारी में सुधार करवाने का मौका दिया गया है. गौरतलब है कि पूर्व में इस वेबसाइट पर कुछ भी जोड़ने की सुविधा नहीं थी. कैसे होगा सुधार सबसे पहले रैयत बिहार भूमि पोर्टल biharbhumi.bihar.gov.in लॉगिन कर आवेदन करेंगे. इसके बाद परिमार्जन मेनू पर क्लिक करने के बाद डिजिटाइज्ड जमाबंदी पर क्लिक कर पुरानी जमाबंदी में सुधार के विकल्प को चुनना होगा. इसके बाद अपने नाम, पिता का नाम, पता, खाता, खेसरा, चौहद्दी व लगान में सुधार से संबंधित विकल्प मिलेगा. जितने बदलाव के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें सेलेक्ट करने पर सारी जानकारी सामने आ जायेगी. साथ ही आवेदन को सुधार (एडिट) करने की सुविधा मिलेगी. पूर्ण रूप से भरे हुए जानकारी को अंचल अधिकारी को भेजना होगा. रैयत को देना होगा साक्ष्य दस्तावेज सुधार करते समय रैयत को साक्ष्य भी प्रस्तुत करना होगा. जानकार बताते हैं कि रैयत का नाम या पिता का नाम मूल जमाबंदी से अलग होने पर त्रुटि सुधार मूल जमाबंदी के अनुसार किया जायेगा. पिता का नाम मूल जमाबंदी में अंकित होने पर साक्ष्य के आधार पर अंकित किया जा सकेगा. पता व जाति में सुधार अंचल अधिकारी द्वारा दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर किया जायेगा. मूल जमाबंदी में खाता, खेसरा और रकबा अंकित होने पर त्रुटि निवारण उसके आधार पर होगा. वहीं मूल जमाबंदी में खाता, खसरा और रकबा अंकित नहीं होने पर अंचल अधिकारी रैयत द्वारा दिए सबूत के आधार पर त्रुटि सुधार या मिसिंग जानकारी को दर्ज करेंगे. इसके लिए अंचल अधिकारी निरीक्षण और जमीन की मापी भी करवा सकते हैं.
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