चिह्नित स्थल पर सुविधाओं का अभाव और स्थानीय लोगों के विरोध से शिफ्टिंग पर लगा ब्रेक परबत्ता. नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत परबत्ता बाजार के मुख्य मार्ग पर संचालित मीट, मुर्गा व मछली की दुकानों को हटाने की प्रशासनिक कवायद फिलहाल कागजों तक सीमित नजर आ रही है. कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा जारी नोटिस और कड़े निर्देशों के बावजूद सोमवार को बीच बाजार में ये दुकानें अपने पुराने स्थान पर ही संचालित होती दिखीं. प्रशासन ने पूर्व में इन दुकानों को तोरणद्वार के भीतर चिह्नित चबुतरानुमा स्थान पर शिफ्ट करने का निर्देश दिया था. शनिवार को मोहम्मद सोनू, अमोल मंडल व मनोरंजन मंडल सहित अन्य विक्रेताओं के साथ इस निर्णय पर सहमति भी बनी थी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट रही. चिह्नित स्थल पर न तो साफ-सफाई की व्यवस्था की गयी और न ही सुरक्षा के इंतजाम दिखे. इसी बीच चबुतरानुमा स्थान के आसपास रहने वाले मल्लिक समुदाय के लोगों ने इस फैसले का कड़ा विरोध शुरू कर दिया है. शिवा मल्लिक, जियालाल मल्लिक व फुलचन मल्लिक सहित अन्य स्थानीय लोगों का तर्क है कि घरों के समीप मीट-मछली की दुकानें सजने से दुर्गंध फैलेगी. बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा. विरोध व अव्यवस्था के चलते फिलहाल दुकानों की शिफ्टिंग रुक गयी है, जिससे मुख्य बाजार में पूर्ववत भीड़ और गंदगी की स्थिति बनी हुई है. इस मामले पर चेयरमैन प्रतिनिधि रंजीत साह ने कहा कि आगामी मकर संक्रांति तक चिह्नित स्थल को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जायेगा. वहां रोशनी, साफ-सफाई व सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होने के बाद ही दुकानों को शिफ्ट कराया जायेगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक व्यवस्था पूर्ण नहीं होती, तब तक किसी विक्रेता से जुर्माना नहीं लिया जायेगा. फिलहाल परबत्ता बाजार में मीट शॉप की शिफ्टिंग को लेकर असमंजस बरकरार है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

