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गोगरी अनुमंडल के मुख्य द्वार व चाहरदीवारी निर्माण में गुणवत्ता का अभाव

Updated at : 23 May 2025 10:25 PM (IST)
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गोगरी अनुमंडल के मुख्य द्वार व चाहरदीवारी निर्माण में गुणवत्ता का अभाव

डीडीसी ने कहा नियम का नहीं किया गया पालन

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-डीडीसी ने कहा नियम का नहीं किया गया पालन

-मुख्य द्वार व चहारदीवारी निर्माण से पहले बनाया गया था मास्टर रोल

-एसडीओ ने गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच करने का दिया था आदेश

गोगरी. स्थानीय अनुमंडल सह प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार व चहारदीवारी निर्माण में अनियमितता हुई है. निर्माण से पहले नियम का पालन नहीं किया गया. डीडीसी अभिषेक पलासिया ने कहा कि मुख्य द्वार व चहारदीवारी का निर्माण कार्य को षष्ठम राज्य वित्त आयोग से किया गया. जो विभागीय निर्देश के आलोक में युक्ति संगत नहीं है. निर्माण कार्य में पर्यवेक्षण नहीं किया गया. जो की कर्तव्यहीनता एवं लापरवाही को दर्शाता है.

नियम के विपरीत किया गया कार्य

एसडीओ सुनंदा कुमारी ने गुणवत्ता पूर्ण कार्य नहीं किये जाने को लेकर भुगतान पर रोक लगाते हुए डीडीसी व भवन निर्माण विभाग को पत्र दिया गया था. भवन निर्माण विभाग की जांच रिपोर्ट एसडीओ ने डीडीसी को सौंप दिया. रिपोर्ट में बताया गया है कि चहारदीवारी के पीछे गड्ढा है. बरसात में पानी भर जाता है. पिलर ठीक से नहीं देने और टाई बीम के नीचे मजबूती से कार्य नहीं किया गया है. बरसात में दीवार गिर सकता है. जांच रिपोर्ट के आलोक में डीडीसी ने बीडीओ को आदेश दिया गया कि त्रुटिपूर्ण कार्य किये जाने के कारण भुगतान में कटौती कर रिपोर्ट दें.

काम शुरू होने से पहले ही बनाया गया था मस्टर रोल

फर्जीवाड़े में शामिल पदाधिकारी और जेई पर कार्रवाई की अनुशंसा किया जाएगा. प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में जहां योजना के नाम पर अलग-अलग तरह के भ्रष्टाचार और लूट खसोट को लेकर लगातार प्रशासनिक पदाधिकारी को शिकायत मिल रही है. ऐसा ही एक मामला गोगरी प्रखंड परिसर में देखने को मिला है. जहां काम शुरू भी नहीं हुआ और गोगरी प्रखंड विकास पदाधिकारी और जेई द्वारा मस्टर रोल भी तैयार कर लिया गया. मस्टर रोल बनने के चार महीने बाद कार्य शुरु किया गया. अभी तक निर्माणाधीन ही है.

जुलाई 2024 में कागज पर कर लिया गया था कार्य पूर्ण

बता दें की गोगरी प्रखंड परिसर में करीब दस लाख रुपये के लागत से पंचायत समिति मद से अनुमंडल सह प्रखंड के मुख्य गेट का निर्माण कार्य कराया जा रहा है. जिसका मस्टर रोल जुलाई 2024 से अगस्त 2024 में ही तैयार कर कागज पर कार्य पूर्ण कर दिया गया. जबकि अभी कार्य प्रगति पर ही है. सबसे ताज्जुब की बात तो यह है कि उक्त कार्य की शुरुआत ही जनवरी माह 2025 में हुआ है. बता दें कि काम होने से पहले ही दर्जन भर मजदूरों के मस्टर रोल तैयार कर दिए गये. कई दिनों की हाजिरी भी पहले ही मस्टर रोल पर चढ़ा दी गई. नियम के खिलाफ योजना को पास कर पदाधिकारी और जेई द्वारा पहले ही खुद के हस्ताक्षर कर मस्टर रोल तैयार कर दिया गया है.

गोगरी एसडीओ ने लिया संज्ञान

इधर एसडीओ सुनंदा कुमारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी से पूरे कागजात की मांग किया. एसडीओ ने मस्टर रोल देखकर आश्चर्यचकित रह गयी. एसडीओ बताया कि काम खत्म होने के बाद मस्टर रोल बनाया जाता है. जिसमें कार्य से संबंधित लेखा जोखा रहता है. जैसे किस डेट में कितना मजदूर काम किया. यह एक रजिस्टर है. जिसमें किसी विशेष दिन ड्यूटी पर उपस्थित कर्मचारियों और मजदूरों के नाम दर्ज किए जाते हैं. यदि पहले ही मस्टर रोल तैयार हो गया तो यह स्थिति दिखाती है कि भ्रष्टाचार या अनियमितताओं के कारण, काम शुरू होने से पहले ही मस्टर रोल बना दिया गया है.

कहते हैं एसडीओ

काम शुरू होने के पांच माह पहले ही गोगरी बीडीओ और जेई द्वारा मस्टर रोल तैयार किया गया है. जो की गलत है. मामला मेरे संज्ञान में आया है. हम खुद मामले की जांच कर रहे हैं. निर्माणाधीन गेट की गुणवत्ता आदि की जांच किया. इतना ही नहीं फर्जी करने वाले जेई पर कार्रवाई की अनुशंसा भी जिलाधिकारी से करते हुए निर्माणाधीन गेट के भुगतान पर रोक लगाया जायेगा.

सुनंदा कुमारी एसडीओ गोगरी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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