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ई-रिक्शा व ऑटो से बच्चों को स्कूल लाने व ले जाने पर लगा रोक

Updated at : 30 Dec 2024 8:25 PM (IST)
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ई-रिक्शा व ऑटो से बच्चों को स्कूल लाने व ले जाने पर लगा रोक

राज्य स्तर से ई-रिक्शा तथा ऑटो से स्कूली छात्र-छात्राओं के परिचालन पर रोक लगा दी गई है

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बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सख्त, जारी हुआ आदेश

………..आदेश की अवहेलना करने पर स्कूल प्रबंधन व रिक्शा चालक पर होगी कार्रवाई

खगड़िया. स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग द्वारा कड़े आदेश जारी किये गए हैं. ई-रिक्शा तथा ऑटो से बच्चों का स्कूल पहुंचाने तथा लाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. आदेश की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई होगी. जिला परिवहन पदाधिकारी सह जिला सड़क सुरक्षा समिति के सचिव विकास कुमार ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से ई-रिक्शा तथा ऑटो सुरक्षित नहीं है. अक्सर दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है. राज्य स्तर से ई-रिक्शा तथा ऑटो से स्कूली छात्र-छात्राओं के परिचालन पर रोक लगा दी गई है. विभागीय आदेश के अनुपालन को लेकर शिक्षा पदाधिकारी को लिखा गया है. जांच के दौरान ई-रिक्शा अथवा ऑटो के जरिये छात्रों को स्कूल ले जाते पाए जाने पर वाहन को जब्त कर फाइन किया जाएगा. विद्यालय प्रबंधन को बच्चों की सुरक्षा को गंभीर रहना होगा. डीटीओ ने कहा कि विभागीय आदेश तथा बच्चों की सुरक्षा की अनदेखी करने वाले विद्यालय प्रबंधन पर भी नियमानुसार कार्रवाई होगी.

विभागीय सचिव ने डीएम को लिखा पत्र

जानकारी के मुताबिक परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने स्कूली बच्चों/ छात्रों को उक्त तीन पहिये वाहन से स्कूल ले जाने पर रोक लगाने को लेकर डीएम, एसपी तथा डीटीओ को पत्र लिखा गया है. विभागीय सचिव ने जिले के अधिकारियों को कड़ाई से इस लागू करने का अनुरोध किया है. डीटीओ ने बताया कि ई-रिक्शा अथवा ऑटो (थ्री व्हीलर) नगरीय परिवहन में छोटी दूरी के लिए मंद गति का परिवहन माध्यम है. इसकी अधिकतम डिजाइन स्पीड 45 से 65 किमी प्रति घंटा की है. अधिकांश थ्री व्हीलर में सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं रहता है. यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी सीट बेल्ट लगाने की सुविधा इस तरह के वाहनों में नहीं रहती है. वाहन के आगे एवं पीछे हेड लाइट, वार्निंग लाइट, रियर भ्यू मिरर, वाइपर, सिग्नलिंग डिवाइस आदि दूसरे वाहनों की तुलना में कमजोर रहता है. इस तरह की सुविधाओं का अभाव रहने से बच्चों के लिए सुरक्षा के दृष्टिकोण यह खतरनाक है.

आदेश की हो रही अवहेलना पर विभाग सख्त

बताया जाता है कि परिवहन विभाग की अधिसूचना में ई-रिक्शा अथवा ऑटो का उपयोग स्कूली बच्चों के परिवहन पर रोक है. लेकिन इसके बावजूद स्कूली बच्चों व छात्रों के परिवहन में धड़ल्ले से ऐसे वाहनों का उपयोग किया जा रहा है. जो दर्दनाक दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहा है. इस कारण जिला सुरक्षा समिति को जवाबदेही तय करते इसका कड़ाई के साथ अनुपालन को कहा गया है. गौरतलब है कि शहर से गांवों में सैंकड़ों स्कूल हैं. जहां बच्चों का स्कूल ले जाने के लिए इन थ्री व्हीलर वाहनों का इस्तेमाल बड़ी संख्या में हो रहा है. इधर हाल के वर्षों में ई-रिक्शा का भी परिचालन काफी बढ़ गया है. इधर डीटीओ विकास कुमार ने कहा कि विभागीय निर्देश का जिले में सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा.

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