भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का 100वीं वर्षगांठ सह शताब्दी वर्ष समारोह आयोजित

Updated at : 16 Mar 2026 9:31 PM (IST)
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का 100वीं वर्षगांठ सह शताब्दी वर्ष समारोह आयोजित

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का 100वीं वर्षगांठ सह शताब्दी वर्ष समारोह आयोजित

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खगड़िया. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला परिषद कार्यालय में सोमवार को 100वीं वर्षगांठ सह शताब्दी वर्ष समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में जिला मंत्री ने शहीद परिवार को माला, शॉल व झंडा देरक सम्मानित किया गया. समारोह के अवसर पर शहीद सत्यनारायण सिंह, बद्रीनारायण सिंह आदि शहीदों के तैल चित्र पर फूल माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया गया. इसके बाद शहीद गान एवं जन गीत महेंद्र महीप व जोगिंदर शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया. स्थापना दिवस पर पार्टी कार्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया. कार्यकर्ताओं द्वारा शहर में जुलूस निकाला गया. समारोह की अध्यक्षता जिला सचिव पुनीत मुखिया ने की. समारोह का उद्घाटन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राष्ट्रीय परिषद सदस्य मार्क्सवादी चिंतक अनिल राजिमवाले ने किया. उन्होंने कहा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना उद्योगी नगरी कानपुर में 26 दिसंबर 1925 ई को हुई थी. स्थापना के पूर्व अनेकों कम्युनिस्ट नेताओं ने देश की आजादी की लड़ाई में अपनी अहम भूमिका निभायी है. सीपीआई देश में जन आंदोलन एवं जन संघर्ष करके केंद्र एवं राज्य सरकार पर दवाब डालकर कई जनहितैषी कानून बनवाने का काम किया. सार्वजनिक क्षेत्र में उद्योग लगाने, बैंकों एवं कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण करवाने में पार्टी ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा किया है. बिहार राज्य कार्यकारिणी सदस्य सदस्य प्रभाकर प्रसाद सिंह ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी शताब्दी वर्ष के अवसर पर पार्टी संगठन को जन आंदोलन के जरिए मजबूत करने की जरूरत है. जिले के अंदर बड़े-बड़े जमींदारों के जमीन पर झंडा गाडकर जमीन बंटवाने एवं कानून लड़ाई लड़कर पर्चा दिलवाने का काम किया गया है. जिला सचिव पुनीत मुखिया ने कहा कि बिहार राज भूमि सुधार कानून के आलोक में जमींदारों के जमीन पर न सिर्फ लाल झंडा गाडकर हजारों एकड़ जमीन गरीबों के बीच वितरण कर दखल दिलाई एवं सैकड़ो गांव बसाने का काम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता पूर्व विधायक सत्यनारायण सिंह के नेतृत्व में किया गया.

पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हक व अधिकार के लिए दिया है बलिदान

वर्षों से बसे लोगों को सरकार पर्चा देना नहीं चाहती है. भूमि आंदोलन में एक दर्जन साथी शहीद मेदिनी साह, शहीद बद्री नारायण सिंह, शाहिद राम बच्चन महतो,शहीद भागो देवी, शाहिद सुखदेव राम, शाहिद बिंदेश्वरी सॉह, प्रकाश सादा,भूमि आंदोलन में शहादत देने का काम किया है. लेकिन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी भूमि आंदोलन में जमींदार या अपराध कर्मियों से समझौता नहीं किया. 50-60 वर्षों से बसे चौथम अंचल के नौरंगा एवं परबत्ता अंचल के महदीपुर गांव के बसे लोगों को कोर्ट के आदेश पर पिछले दिनों घर उजाड़ दिया गया. लेकिन प्रशासन उजाड़े दलित महादलित परिवार को बसाने का काम एवं जमीन उपलब्ध करवाने का काम नहीं कर रही है. जिसके कारण भूमिहीन परिवार खुले आसमान के नीचे रहने पर मजबूर है. मुख्यमंत्री द्वारा भूमिहीन परिवार को पांच-पांच डेसिमल जमीन उपलब्ध कराने का आदेश प्रशासन द्वारा हवा हवाई में उड़ा दिया गया है. सीपीआई बिहार राज्य परिषद सदस्य प्रभाशंकर सिंह ने कहा कि शाखा आंचल को शताब्दी वर्ष के अवसर पर मजबूत करने की जरूरत है. मौके पर सहायक जिला सचिव रबीन्द्र यादव, सीपीआई नेता विन्देश्वरीसाह, गणेश शर्मा, चन्द किशोर यादव, बिहार महिला समाज जिला सचिव माला देवी, उपाध्यक्ष बबीता देवी, एटक के जिला अध्यक्ष रमेश चंद्र चौधरी, एटक राज्य कार्यकारिणी सदस्य चंरजीत यादव, जिला कार्यकारिणी सदस्य नारायण साह आदि उपस्थित थे.

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GUNJAN THAKUR

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