राजनीतिक वर्चस्व में फिर हुई युवक की हत्या, बदले की आग में वर्षों से धधक रही अलौली

खगड़िया जिले में अपराधियों का तांडव रूकने का नाम नहीं ले रहा है. हर दो या तीन दिन में किसी ना किसी व्यक्ति की हत्या हो जा रही है. कभी जनप्रतिनिधियों तो कभी आम आदमी अपराधियों के शिकार हो रहे हैं. जिले में अपराधियों पर नकेल कसने में पुलिस प्रशासन द्वारा गस्ती की जा रही है. लेकिन पुलिसिया गस्ती का कोई प्रभाव अपराधियों पर नहीं पड़ रहा है.
खगड़िया जिले में अपराधियों का तांडव रूकने का नाम नहीं ले रहा है. हर दो या तीन दिन में किसी ना किसी व्यक्ति की हत्या हो जा रही है. कभी जनप्रतिनिधियों तो कभी आम आदमी अपराधियों के शिकार हो रहे हैं. जिले में अपराधियों पर नकेल कसने में पुलिस प्रशासन द्वारा गस्ती की जा रही है. लेकिन पुलिसिया गस्ती का कोई प्रभाव अपराधियों पर नहीं पड़ रहा है.
बीते 15 दिनों में जिले में आठ लोगों की हत्याएं हो चुकी है. जिसमें जनप्रतिनिधि पूर्व मुखिया, पूर्व पंचायत समिति सदस्य, पंच पति सहित शामिल है. पहले जमीन,जलकर, प्रेम प्रसंग मामले में हत्याएं होती थी. लेकिन अब चुनावी रंजिश व वर्चस्व को लेकर हत्याएं हो रही है. सोमवार को रामपुर अलौली में भूषण यादव के पुत्र सुजीत उर्फ लिंकन राज की अपराधियों ने कनपट्टी में गोली मारकर हत्या कर दी. हत्या खेत जाने के दौरान पोखर के समीप बांध के किनारे अपराधियों ने की है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुजीत उर्फ लिंकन राज की हत्या चुनावी रंजिश के कारण हुई है. लोगों ने बताया कि पिछले पैक्स चुनाव में सुजीत ने एक प्रत्याशी को मदद किया था. जिसके कारण दूसरे खेमे के प्रत्याशी हार गया था. तभी से दोनों के बीच मारपीट की घटनाएं होती रही है. यही कारण है बीते 15 दिन पूर्व मृतक सुजीत उर्फ लिंकन राज के पिता भूषण यादव ने अलौली थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करायी थी. जिसमें पंचायत के मुखिया व उनके दो पुत्र से जान मारने की आशंका जताई गयी थी. हालांकि मुखिया द्वारा अलौली थाना में आवेदन देकर सुजीत व उसके पिता भूषण के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस ने भूषण के आवेदन पर कांड संख्या 359/20 तथा मुखिया के आवेदन पर कांड संख्या 360/20 दर्ज कर मामले की जांच करती, इससे पहले सुजीत की हत्या हो गयी. मुखिया ने कांड संख्या 360/20 दर्ज कराते हुए कहा था कि सुजीत कुमार दूध उत्पादन केन्द्र पर गोली चलाया था. जिसमें उनके पुत्र बाल बाल बच गए थे.
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कॉमरेड जगदीश चन्द्र बसु की हत्या के बाद पूर्व में किये गये हत्या की चर्चा होने लगी है. 10 अगस्त 2018 को नगर थाना क्षेत्र के आनंदपुर मारण पंचायत के पूर्व मुखिया पद्दुमलाल राय की हत्या अपराधियों ने गोली मारकर कर दी थी. पुन: 27 अक्तूबर 2018 को आनंदपुर मारण पंचायत के पूर्व मुखिया कुख्यात रामानंद यादव के भाई राजेन्द्र यादव की हत्या अपराधियों ने उनके आवास मोरकाही गांव में गोली मारकर कर दी थी. 28 फरवरी 2019 को हथवन पंचायत के मुखिया लालो यादव की हत्या सतघट्टा में गोली मारकर हत्या कर दी थी. बीते 8 अप्रैल 2020 को सहरसा जिले के चिड़ैंया ओपी के बेलाही गांव में हुई गैंगवार में आनंदपुर मारण पंचायत के पूर्व मुखिया कुख्यात रामानंद यादव की हत्या कर दी थी. रामानंद के हत्या के बाद 11 अप्रैल को पूर्व मुखिया जगदीशचन्द्र बसु की हत्या अपराधियों ने गोली मारकर कर दी थी. 26 जनवरी 2020 को शिक्षक श्यामसुंदर मुखिया की हत्या अपराधियों ने मध्य विद्यालय में झंडोत्तोलन कर लौटने के दौरान कर दी थी.
Posted by : Thakur Shaktilochan
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