दो नवंबर तक ट्रेनों में सीट फुल

Published at :15 Oct 2016 6:50 AM (IST)
विज्ञापन
दो नवंबर तक ट्रेनों में सीट फुल

कोसी व सीमांचल के लोगों के लिए दीपावली व छठ के मौके पर स्पेशल ट्रेन की घोषणा नहीं की गयी है. लिहाजा परदेश कमाने गये लोगों को त्योहार पर घर आने में टिकट का वेटिंग मुसीबत बन गया है. खगड़िया : रेल सुविधाओं को लेकर कोसी व सीमांचल का इलाका हमेशा से उपेक्षित रहा है. […]

विज्ञापन
कोसी व सीमांचल के लोगों के लिए दीपावली व छठ के मौके पर स्पेशल ट्रेन की घोषणा नहीं की गयी है. लिहाजा परदेश कमाने गये लोगों को त्योहार पर घर आने में टिकट का वेटिंग मुसीबत बन गया है.
खगड़िया : रेल सुविधाओं को लेकर कोसी व सीमांचल का इलाका हमेशा से उपेक्षित रहा है. इस बार भी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, बैंगलोर आदि बड़े शहरों से दीपावली और छठ के मौके पर घर वापस लौटने वाले इन क्षेत्रों के लोगों के लिए स्पेशल ट्रेन की घोषणा नहीं की गयी है. परदेस कमाने गये लोगों को त्योहार पर घर आने में टिकट का वेटिंग मुसीबत बन गया है. हालात यह है कि आरक्षित टिकट की तो छोड़िये, वेटिंग के लिए भी पसीने छूट रहे हैं. अगले दो नवंबर तक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा आदि शहरों से खगड़िया तक आने वाली किसी भी ट्रेन में वर्थ खाली नहीं है. खगड़िया जंकशन पर पदस्थापित अधिकारी के मुताबिक वेटिंग की इतनी लंबी कतार है कि दो नवंबर तक आरक्षण का टोटा बना हुआ रहेगा.
महीनों इंतजार के बाद त्योहार के बहाने अपनों से मिलने का उत्साह और परदेस से घर लौटने की खुशी उदासी में तब्दील हो सकती है. टिकट का लंबा वेटिंग और रेलवे की उपेक्षा त्योहारों का रंग फीका करने वाले हैं. दरअसल परदेस से लौटने वालों से कोसी व सीमांचल के बाजारों में रौनक भी बढ़ती है. साथ ही खरीदारी से लेकर खेती तक की कवायद को बल मिलता है.
इन ट्रेनों में दो माह पहले से बुक है टिकट : सीमांचल एक्सप्रेस, महानंदा, नॉर्थ इस्ट, अवध असम, अमृतसर-कटिहार एक्सप्रेस, राजधानी, गरीब नवाज, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति, नई दिल्ली एवं आनंद विहार एक्सप्रेस जैसे ट्रेनों से ही सीमांचल के लोगों का आना जाना होता है. लेकिन समस्या यह है कि इन सभी ट्रेनों में दो नवंबर तक आरक्षण मिलने की कोई उम्मीद नहीं है.
ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों को निराशा का सामना करना पड़ सकता है. विडंबना यह है कि सीमांचल के जो लोग परदेस में रहते हैं, दुर्गापूजा के मौके पर घर वापस आये या न आये, लेकिन दीपावली और छठ में उनकी वापसी निश्चित मानी जाती है. खगड़िया-सहरसा अमान परिवर्तन के बावजूद कोई त्योहार स्पेशल ट्रेन नहीं दिया जाना भी आश्चर्यजनक है. जबकि दीपावली से लेकर छठ सभी पर्व एक नवंबर तक ही समाप्त हो रहे हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन