आठ वर्ष की उम्र में बन गयी शिक्षिका
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :14 Oct 2016 12:58 AM (IST)
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गड़बड़ी. बहाली में बरती गयी अनियमितता आर्य कन्या उच्च विद्यालय में नियम कायदे को ताक पर रख कर हुई शिक्षक व आदेशपाल की बहाली में हुई है. महज आठ वर्ष की उम्र कोमल गोयनका शिक्षिका पद पर बहाल हो गयी. इतना ही नहीं प्रधानाध्यापक नंदलाल साह की बेटी भी निर्धारित उम्र से कम में बहाल […]
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गड़बड़ी. बहाली में बरती गयी अनियमितता
आर्य कन्या उच्च विद्यालय में नियम कायदे को ताक पर रख कर हुई शिक्षक व आदेशपाल की बहाली में हुई है. महज आठ वर्ष की उम्र कोमल गोयनका शिक्षिका पद पर बहाल हो गयी. इतना ही नहीं प्रधानाध्यापक नंदलाल साह की बेटी भी निर्धारित उम्र से कम में बहाल हो गयी. मनीष कुमार की उम्र 18 वर्ष पूरी भी नहीं हुई लेकिन वह भी शिक्षक बन गये. एक स्कूल में 28 चतुर्थवर्गीय कर्मचारी की बहाली कर ली गयी.
खगड़िया : आर्य कन्या उच्च विद्यालय में शिक्षक व चतुर्थवर्गीय कर्मचारी की बहाली में धांधली बरती गयी है. आठ वर्ष की उम्र में कोमल गोयनका शिक्षिका बन गयी. न कोई विज्ञापन और न ही कोई सूचना लेकिन शिक्षक-चतुर्थवर्गीय कर्मचारी की बहाली कर लिया गया. इतना ही नहीं शिक्षा विभाग ने करीब 37 लाख रुपये इन फर्जी कर्मचारियों को वेतन देने में फूंक डाले.
विद्यालय प्रबंधन समिति के नवनिर्वाचित सचिव द्वारा पूरे मामले के भंडाफोड़ के बाद डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए डीइओ से 12 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण तलब किया है. विद्यालय प्रबंध कार्यकारिणी समिति के सचिव, प्रधानाध्यापक, सदस्यों की मिलीभगत से विभिन्न पदों पर हुई बहाली में अपने सगे संबंधियों को बहाल करवाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी. कोई अपनी बेटी को तो कोई अपनी पत्नी सहित अन्य परिजनों को शिक्षक से लेकर आदेशपाल बना दिया.
सबसे ताज्जुब की बात यह है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी इस फर्जी बहाली पर मुहर लगाते हुए वेतन देने का आदेश दे दिया. पूरा मामला तूल पकड़ने के बाद प्रधानाध्यापक विद्यालय नहीं आ रहे हैं.
बुरी तरह फंसे प्रधानाध्यापक
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के डीपीओ संजीव कुमार द्वारा एसडीओ को सौंपी गयी रिपोर्ट में प्रधानाध्यापक नंदलाल साह की कारगुजारी पर से परदा हटाते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री साह की अनुशासनहीनता, आदेश की अवहेलना, पारदर्शिता का अभाव, कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरती जा रही है. विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं से जो शुल्क के रूप में राशि प्राप्त होती है
उसमें भी हेराफेरी की संभावना है. छात्राओं को मिलने वाले सरकारी योजनाओं के लाभ में अनियमितता बरती जा रही है. इन सारे कारणों से गरदन फंसते देख नवनिर्वाचित प्रबंध कार्यकारिणी समिति को अभिलेख देने में प्रधानाध्यापक नंद लाल साह आनाकानी कर रहे हैं.
गड़बड़ी से जुड़ी जानकारी
नाम जन्मतिथि पद नियुक्ति तिथि
कोमल गोयनका 04.08.1992 शिक्षिका 20.12.2000
अलका प्रियदर्शिनी 20.02.1985 शिक्षिका 20.12.2000
प्रभारी प्रधानाध्यापक के 15 वर्ष की बेटी भी बन गयी स्कूल की शिक्षिका
मीडिया में मामला तूल पकड़ने के बाद डीएम ने डीइओ से मांगा जवाब
प्रधानाध्यापक, सचिव, प्रबंधन कमेटी की मिलीभगत से हुआ फर्जीवाड़ा
बहाली में धांधली का मामला सामने आने के बाद डीइओ से जवाब-तलब किया गया है. प्रथम दृष्टया नियम कायदे को ताक पर रख कर बहाली करने का खुलासा हुआ है. पूरी रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेज दी गयी है.
जय सिंह, डीएम
शिक्षा विभाग, प्रधानाध्यापक, सचिव सहित कमेटी के सदस्यों की मिलीभगत से आर्य कन्या उच्च विद्यालय में शिक्षक व आदेशपाल की बहाली में धांधली हुई है. शिक्षा विभाग ने बिना जांच किये लाखों रुपये वेतन भुगतान कर दिया. डीएम के कड़े रुख से उम्मीद है कि धांधली करने वाले लोगों पर शिकंजा कसा जायेगा.
नीलकमल दिवाकर, विद्यालय के सचिव
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