अलौली पीएचसी में करोड़ों का घोटाला
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Oct 2016 4:16 AM (IST)
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हड़कंप. सिविल सर्जन को भेजी गयी रिपोर्ट से स्वास्थ्य विभाग में सनसनी स्वास्थ्य विभाग की एनएचएम व एनआरएचएम में आवंटित राशि में बड़े पैमाने पर गोलमाल की आशंका जतायी गयी है. खगड़िया : अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ा घोटाला सामने आया है. एनआरएचएम व एनएचएम जैसी सरकारी योजनाओं में आवंटित राशि कोई हिसाब किताब […]
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हड़कंप. सिविल सर्जन को भेजी गयी रिपोर्ट से स्वास्थ्य विभाग में सनसनी
स्वास्थ्य विभाग की एनएचएम व एनआरएचएम में आवंटित राशि में बड़े पैमाने पर गोलमाल की आशंका जतायी गयी है.
खगड़िया : अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ा घोटाला सामने आया है. एनआरएचएम व एनएचएम जैसी सरकारी योजनाओं में आवंटित राशि कोई हिसाब किताब नहीं रहने के खुलासा बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली है. पूरे मामले में प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक चेतन शर्मा की भूमिका संदिग्ध पाये जाने के बाद पीएचसी प्रभारी ने अगली कार्रवाई के लिए सिविल सर्जन को पत्र भेजा है. पत्र में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताते हुए एक्सपर्ट की टीम से जांच की जरूरत जतायी गयी है.
पूर्व पीएचसी प्रभारी के कुरसी पर से हटते ही एक एक कर सारी गड़बड़ी सामने आने लगी है. डॉ आरएन चौधरी के कार्यकाल में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवंटित राशि का बंदरबांट किया गया है. सूत्रों की मानें तो पूरे मामले की गहन जांच हो तो अलौली पीएचसी में करोड़ों के गोलमाल पर से परदा हट सकता है. जिसमें पूर्व पीएचसी प्रभारी सहित लेखापाल, रोकड़पाल सहित कई स्वास्थ्यकर्मियों की कुरसी खतरे में पड़ सकती है. पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बीते दिनों सिविल सर्जन डॉ अरुण कुमार सिंह अलौली पीएचसी का निरीक्षण करने पहुंचे थे.
बीते नौ अगस्त को सिविल सर्जन के निरीक्षण के दौरान कई गड़बड़ी पकड़ी गयी. जो बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा कर रहे थे. इसके बाद बीएचएम सह लेखापाल, रोकड़पाल सहित अन्य से स्पष्टीकरण मांगा गया. इधर, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक द्वारा स्पष्टीकरण के दिये गये जवाब असंतोषजनक पाये जाने के बाद पीएचसी प्रभारी ने गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन को पत्र भेज कर कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा कर दी है.
मदवार रिकॉनसिलेशन नहीं होना वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा कर रहा है. जब भी लेखापाल से इस संबंध में पूछा जाता है तो संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं. ऐसे में एनआरएचएम व एनएचएम के रोकड़ पंजी संधारण अभिश्रवों व अभिलेखों में गड़बड़ी की आशंका है.
डॉ संजीव कुमार, अलौली पीएचसी प्रभारी.
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