बाढ़ की भयावहता बयां कर रहा टूटा हुआ बांध
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :23 Aug 2016 6:15 AM (IST)
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वर्ष 2013 के अगस्त व सितंबर में भी बाढ़ से हुई थी तबाही गोगरी : परबत्ता प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों को बाढ़ की विभीषिका से सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया रिंग बांध वर्ष 2013 में क्षतिग्रस्त हो गया था. उस वक्त कई गांव जलमग्न भी हुआ था. दोनों रिंग बांधों पर मरम्मत कार्य […]
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वर्ष 2013 के अगस्त व सितंबर में भी बाढ़ से हुई थी तबाही
गोगरी : परबत्ता प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों को बाढ़ की विभीषिका से सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया रिंग बांध वर्ष 2013 में क्षतिग्रस्त हो गया था. उस वक्त कई गांव जलमग्न भी हुआ था. दोनों रिंग बांधों पर मरम्मत कार्य आज तक शुरू नहीं कराया गया. अधिकारी और जनप्रतिनिधि रिंग बांध की मरम्मत को लेकर चुप थे, लेकिन बरसात और बाढ़ आते ही नदी में पानी बढ़ी और बाढ़ आया फिर रिंग बांध टूटा और फिर हाय तौबा की स्थिति बनी. मालूम हो कि बीते वर्ष 2013 के अगस्त व सितंबर माह में गंगा की भयावह बाढ़ से तबाही हुई थी. लगार पंचायत के मुखिया बताते हैं
कि चकप्रयाग गांव का रिंग बांध टूटने से बड़ी आबादी प्रभावित हुई थी. चकप्रयाग, हरिणमार, जवाहर नगर, इंग्लिश लगार के 10 हजार से अधिक की आबादी तबाह हो गया था. बाढ़ से क्षतिग्रस्त रिंग बांध को देखने के लिए अभी तक कोई नहीं आया था. वहीं तेमथा करारी का रिंग बांध जिससे सैकड़ों एकड़ फसल की सुरक्षा होती थी. बाढ़ ने केले के फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया.
किसानों में हाहाकार मची हुई है. पशुपालकों तथा किसानों को इस दौरान भारी क्षति हुई है. इस बांध से कुछ गांवों को बाढ़ से सुरक्षा भी होती थी लेकिन अब तो सभी कुछ खत्म हो गया. इस रिंग बांध की कभी भी मरम्मत नहीं की गई है.जानकार लोग बताते हैं कि बाढ़ आने पर दोनों रिंग बांधो को बचाने के लिए प्रशासन द्वारा एड़ी चोटी एक कर दिया जाता था,
लेकिन मरम्मत नहीं किया जाना घोर उपेक्षा है. पूर्व मुखिया बताते हैं कि उक्त दोनों तटबंधों पर बीते पांच वर्षों के अंदर कार्य के नाम पर मोटी रकम खर्च की गयी है. मरम्मत के काम होते तो रिंग बांध टूटता ही नहीं है. बाढ़ के समय मरम्मत कराने से मेटेरियल भी बह जाता है. लेखा-जोखा बचा रहता है.
कहते हैं एसडीओ
एसडीओ संतोष कुमार ने कहा कि इस वक्त सभी अधिकारी को सिर्फ क्षेत्र की जनता को बाढ़ से राहत पहुंचना प्राथमिकता है. रिंग बांध कैसे टूटा, क्यों टूटा इसकी जानकारी ली जा रही है. यदि ऐसा किसी को लगता है कि मरम्मत के नाम पर अवैध निकासी हुई है तो लिखित शिकायत करें. जांच कर कार्रवाई होगी.
हेल्प लाइन नंबर जारी
राज्य आपदा कंट्रोल रूम पटना – 0612-2217301
जिला आपदा कंट्रोल रूम खगड़िया -06244-222384
डीएम खगड़िया जय सिंह -947391420
एसडीओ गोगरी संतोष कुमार -9473191423
सीओ गोगरी – 8544412608
बीडीओ गोगरी -9431702171
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