बिहार में सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब नौकरी करते हुए भी दे सकेंगे प्रतियोगी परीक्षा, सम्राट सरकार ने बदला फैसला

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 21 Apr 2026 7:12 AM

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सम्राट चौधरी की फाइल फोटो

Bihar News: बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी कर्मचारियों पर प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने की पाबंदी हटा दी है. सीएम सम्राट चौधरी के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है.

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Bihar News: बिहार में नई सरकार बनने के बाद फैसलों का दौर तेज हो गया है. इसी कड़ी में सरकार ने सरकारी कर्मियों के हित में एक अहम कदम उठाते हुए उस विवादित आदेश को वापस ले लिया है, जिसने कर्मचारियों के बीच असंतोष पैदा कर दिया था. यह आदेश नगर विकास विभाग द्वारा जारी किया गया था.

क्या था विवादित आदेश?

6 अप्रैल को जारी आदेश में कहा गया था कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने सेवाकाल के दौरान केवल एक बार ही किसी विभागीय या प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो सकता है. इसके बाद उसे किसी अन्य परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी. इतना ही नहीं, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि नियम का उल्लंघन करने पर संबंधित कर्मचारी को नौकरी छोड़नी पड़ सकती है. इस सख्त निर्देश के कारण कर्मचारियों में डर और नाराजगी बढ़ गई थी.

कर्मचारियों में था भारी असंतोष

इस आदेश के लागू होते ही राज्यभर के सरकारी कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था. उनका कहना था कि यह फैसला उनके करियर ग्रोथ को रोकने वाला है और इससे उनकी आगे बढ़ने की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी.

सम्राट चौधरी के हस्तक्षेप से मिली राहत

सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी ने इस मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने कर्मचारियों के भविष्य और करियर को ध्यान में रखते हुए इस आदेश को निरस्त करने का निर्देश दिया. उनके हस्तक्षेप के बाद यह फैसला वापस ले लिया गया.

अब फिर खुला अवसर का रास्ता

सरकार के इस नए फैसले के बाद अब सरकारी कर्मचारी नौकरी में रहते हुए भी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे. इससे उन्हें अपने कौशल को बढ़ाने और बेहतर पदों तक पहुंचने का मौका मिलेगा.

कर्मचारियों में खुशी की लहर

इस फैसले के बाद राज्य के सरकारी कर्मचारियों में राहत और खुशी का माहौल है. उन्हें अब अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए किसी तरह की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा. सरकार के इस कदम को कर्मचारियों के हित में बड़ा निर्णय माना जा रहा है.

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By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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