पांच साल भी नहीं झेल सकी वाहनों का दबाव

Published at :21 Jun 2016 5:29 AM (IST)
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पांच साल भी नहीं झेल सकी वाहनों का दबाव

खगड़िया : खगड़िया शहर में वाहनों बढ़ते दबाव को देखते हुए बाइपास का निर्माण कराया गया लेकिन यह सड़क पांच साल भी दबाव नहीं झेल सकी. स्थिति यह है कि इस सड़क पर चलना जान जोखिम में डालने के समान है. मालूम हो कि बलुआही हनुमान मंदिर से चलकर शहर के दक्षिणी किनारे से होते […]

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खगड़िया : खगड़िया शहर में वाहनों बढ़ते दबाव को देखते हुए बाइपास का निर्माण कराया गया लेकिन यह सड़क पांच साल भी दबाव नहीं झेल सकी. स्थिति यह है कि इस सड़क पर चलना जान जोखिम में डालने के समान है. मालूम हो कि बलुआही हनुमान मंदिर से चलकर शहर के दक्षिणी किनारे से होते हुए खगड़िया-बखरी-अलौली एमडीआर को जोड़ने वाली बायपास सड़क का हाल खास्ता है. कमोबेश शहर के उत्तरी दिशा पटेल चौक-बछौता से होते हुए खगड़िया-अलौली-बखरी एमडीआर को जोड़ने वाली बायपास सड़क का भी हालत खराब ही है.

उल्लेखनीय है कि शहर के बलुआही से दाननगर होते हुए अलौली बखरी पथ को जोड़ने वाला बायपास गड्डे में तब्दील हो चुका है. छोटी बड़े वाहन चालक अपने जान जोखिम में डालकर उक्त बायपास से गुजरते हैं. बायपास सड़क का हाल यह है कि सड़क में गड्डे हैं या गड्डे में सड़क है, इस बात का अंदाजा लगाना कठिन हो गया है. इस सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल है. पैदल चलने पर बिन पिये ही शराबी प्रतीत होता है. वाहन तो वाहन साइकिल सवार भी हिचकोले खाते चलने को मजबूर हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार इस महज पांच साल पहले ही इस बायपास सड़क का निर्माण हुआ था.
परंतु, बायपास सड़क गुणवत्ता कुछ ऐसी है कि पांच साल में गड्डा में सड़क है या सड़क में है गड्डा पता करना मुश्किल है. कमाबेस यही हाल पटेल चौक से बछौता होते हुए खगड़िया-अलौली-बखरी एमडीआर को जोड़ने वाली बायपास सड़क का हाल खास्ता है. पटेल चौक खुद कीचड़ में नहाया हुआ है जिसके कारण बड़े वाहन का प्रवेश इस रोड में संभव ही नहीं है वहीं, बछौता मोड़ से खगड़िया- अलौली एमडीआर सड़क तक बायपास पर सिर्फ गिट्टी कि टुकड़े ही पड़े हैं. जिसे कहीं से भी सड़क कहना उपयुक्त नहीं होगा. विडंबना है कि खगड़िया शहर जाम से परेशान है तो बायपास अपने अस्तित्व को ही तरस रहा है.
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