सात दिवसीय श्री मद भागवत कथा संपन्न

कथावाचिका ने बताया जीवन जीने की कला
– कथावाचिका ने बताया जीवन जीने की कला बेलदौर. राधिकाधीश भक्त के सूरत और योग्यता पर नहीं, निश्चल प्रेम पर होते हैं मोहित, उक्त बातें सोमवार को गांधी इंटर विद्यालय बेलदौर के खेल मैदान में आयोजित सात दिवसीय श्री मद भागवत कथा के अंतिम दिन कथावाचिका साध्वी वर्षा नागर ने कही. इन्होंने बात दिन के कही कथा का सार बताते कही कि कथा में सभी पात्र अपने अपने कर्मों से संसारिक जीवन जी रहे लोगों को सीख देते हैं, लेकिन आधुनिकता की चकाचौंध में जब ईश्वर लीला भूल अपनी सांसारिक लीला में भटकते हैं तो अज्ञानतावश जीवन दुःख एवं मृगतृष्णा से घिर जाता है तब संतों की बात ही भगवत कथा की ज्ञान गंगा से उसके दुखों का निवारण करती है, इन्होंने भगवान श्री कृष्ण एवं इनके परम मित्र सुदामा की निश्चल प्रेम से भरी दोस्ती का प्रसंग सुनाकर सत्संग प्रेमियों को गदगद कर दी. इन्होंने बतायी कि जब फटे पुराने कपड़े में सुदामा द्वारिकाधीश के राजभवन पहुंचे तो खबर मिलते ही सबकुछ भुल कन्हैया दौरें दौरे आए, और फटे पुराने कपड़े में बदहाल सखा के गले मिल भावविभोर हो गये प्रेम की ऐसी निश्चल धारा बही कि द्वारिकाधीश एवं सुदामा के बीच के अंतर मिट गया. वहीं इन्होंने बेलदौर से मिले अपनेपन एवं सम्मान पर भावुक हो बताई कि कथावाचिका नहीं एक बेटी के रूप में बेलदौर ने अपनाया है. मौके पर समाजसेवी संजय शर्मा, पूर्व मुखिया कुमारी बेबी रानी, अशोक हितैषी, हरिवंश बच्चन समेत दर्जनों गणमान्य उक्त कार्यक्रम के सफलता को लेकर हरसंभव सहयोग में जुटे रहे.
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