केंद्र के अंदर कैसे पहुंच रहा चिट !

इंटर की परीक्षा में बहुत कड़ाई है, फिर भी परीक्षा हॉल के अंदर चिट-पुर्जें पहुंच रहे हैं. हर दिन किसी न किसी परीक्षा केंद्र से परीक्षार्थी निष्कासित तो हो ही रहे हैं, पर कार्रवाई सिर्फ परीक्षार्थी पर ही हो रही है, परीक्षकों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि […]
इंटर की परीक्षा में बहुत कड़ाई है, फिर भी परीक्षा हॉल के अंदर चिट-पुर्जें पहुंच रहे हैं. हर दिन किसी न किसी परीक्षा केंद्र से परीक्षार्थी निष्कासित तो हो ही रहे हैं, पर कार्रवाई सिर्फ परीक्षार्थी पर ही हो रही है, परीक्षकों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर चोरी रोकने की जिम्मेदारी जब प्रशासन ने तय कर रखी है, तो फिर कार्रवाई से पीछे क्यों हटा जा रहा है.
खगड़िया/गोगरी : लाख चाहने के बाद भी नकल का खेल
खगड़िया व गोगरी में बनाये गये इंटर की परीक्षा केंद्र पर किसी दिन ऐसा नहीं बीतता कि कोई नकल करने के आरोप में निष्कासित नहीं हुआ हो. परीक्षाथी पर कार्रवाई करके प्रशासन पल्ला झाड़ रहा है. बता दें कि परीक्षा शुरू होने से पहले बहुत बड़े बड़े दावे किये गये थे कि जिस परीक्षा सेंटर से नकल करते हुए परीक्षार्थी पकड़े गये, वहां के केंद्राधीक्षक व परीक्षक पर भी कार्रवाई की जायेगी. शायद ये सब दावे यूं ही किये गये थे. तभी तो हर रोज कदाचार के आरोप में परीक्षार्थी निष्कासित होते हैं, लेकिन परीक्षक पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है.
गोगरी की तो बात ही अलग
गोगरी अनुमंडल की बात करें, तो यहां इंटरमीडिएट की परीक्षा तीन केंद्रों पर चल रही है. परीक्षा के दौरान नकल करने वाले परीक्षार्थियों को पकड़ा जा रहा है. अब सवाल उठता है कि नकल के लिए दोषी कौन है? क्या नकल करने के लिए सिर्फ परीक्षार्थी ही दोषी हैं? या फिर कदाचार मुक्त परीक्षा संचालन के लिए केंद्राधीक्षक व परीक्षक की भी कुछ जिम्मेदारी है. इंटर परीक्षा के चार दिन बीत चुके हैं. अबतक नकल करने के आरोप में गोगरी में आधा दर्जन से अधिक परीक्षार्थियों को निष्कासित किया जा चुका है.
बाहर से शांत, अंदर की बात मत पूछिये
परीक्षा केंद्रों को बाहर से देखने पर भले ही ऐसा न लगता हो कि परीक्षा भी हो रही है, लेकिन परीक्षा केंद्र के अंदर नकल का जुगाड़ लेकर विद्यार्थी पहुंचने में कामयाब रहते हैं. केंद्र में प्रवेश से पहले ही पूरी तरह चेकिंग का दावा किया जाता है फिर भी अंदर तक चिट-पुर्जें पहुंच रहे हैं. इधर, सूत्रों की मानें तो बाहर से आने वाले अधिकारी का डर बना रहता है, वरना अंदर तो माहौल ठीक -ठाक है.
सीसीटीवी को धता बता रहे परीक्षार्थी
इस बार परीक्षा में नकल रोकने के लिए जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सघन जांच के दावे भी किये जा रहे हैं, लेकिन फिर भी परीक्षा केंद्र के अंदर से चिट-पुर्जे निकल रहे हैं.
आखिर ये सब क्या है ? ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सघन जांच, सीसीटीवी कैमरे दिखावे के लिए हैं. आखिर बाहर के अधिकारी के निरीक्षण के दौरान नकलची परीक्षार्थी क्यों पकड़े जाते हैं? क्या चिट-पुर्जे पर केंद्राधीक्षक व परीक्षक की नजर नहीं पड़ती है या फिर वे लोग नजरें फेर लेते हैं. इंटरमीडिएट परीक्षा शुरू होने के पूर्व जिला मुख्यालय सभागार में केंद्राधीक्षकों की बैठक में साफ तौर पर कहा गया था कि जिस परीक्षा केंद्र के अंदर से चिट-पुर्जे पकड़े जायेंगे वहां के केंद्राधीक्षक व परीक्षक पर कार्रवाई होगी. तमाम दावों के बीच नकलचियों के पकड़ाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है.
गोगरी एसडीओ की सुनिये
एसडीओ संतोष कुमार ने कहा कि नकल करने वाले छात्रों को बख्शने का सवाल ही नहीं उठता है. रही बात परीक्षक व केंद्राधीक्षक की, तो कहीं से शिकायत मिलेगी, तो जिला प्रशासन कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा. नकल करवाने में सहयोग करने वाले चाहे अधिकारी हों या पुलिस बल. हर किसी पर कार्रवाई तय है.
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