शराब बंदी से प्रतिमाह 9.96 करोड़ का घाटा

Published at :07 Jan 2016 2:16 AM (IST)
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शराब बंदी से प्रतिमाह 9.96 करोड़ का घाटा

खगड़िया : शराब के शौकीन लोगों के लिये बुरी खबर है. अब गांव की गलियों में शराब दुकान नहीं रहेंगे. अप्रैल 2016 से सिर्फ शहर में अब शराब दुकान खुलेंगे. वर्तमान में जिले में संचालित 93 शराब दुकान की जगह अब नगर परिषद क्षेत्र में मात्र 11 विदेशी शराब दुकान ही खोले जायेंगे. मुख्यमंत्री नीतीश […]

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खगड़िया : शराब के शौकीन लोगों के लिये बुरी खबर है. अब गांव की गलियों में शराब दुकान नहीं रहेंगे. अप्रैल 2016 से सिर्फ शहर में अब शराब दुकान खुलेंगे. वर्तमान में जिले में संचालित 93 शराब दुकान की जगह अब नगर परिषद क्षेत्र में मात्र 11 विदेशी शराब दुकान ही खोले जायेंगे.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एलान के बाद उत्पाद विभाग ने कसरत शुरू कर दी है. खगड़िया में देशी शराब की बिक्री बंद होने से सरकार को प्रति माह 9 करोड़ 96 लाख रुपये का घाटा होगा. यहां प्रत्येक महीने देशी शराब दुकान से 2 करोड़ 58 लाख राजस्व वसूली होती है.

शराब की जगह खुलेंगे सुधा डेयरी दुकान

बिहार सरकार के द्वारा घोषित देशी शराब बंद होने से कई मामलों में राहत की उम्मीद है. इतना ही नहीं गावों के चौक -चौराहों सहित गलियों में शराब दुकान की जगह सुधा डेयरी के उत्पाद की दुकान खोलने के एलान से ग्रामीण इलाकों में खुशी देखी जा रही है. खासकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस कदम की महिलाओं ने तारीफ की है.
ग्रामीण इलाकों में अगर शराब छुड़ाने के लिये खुलने वाले स्पेशल सेंटर अगर कामयाब होता है तो ग्रामीण इलाकों में कई परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में सुधा दूध सहित अन्य उत्पादाें के दुकान खुलने से बेरोजगाराें को रोजगार मिलने के साथ-साथ कई और राहत मिलने वाली है. आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर करने की बिहार सरकार ने चरणबद्ध तरीके से शराब पर पूरी तरह पाबंदी लगाने का एलान कर चुकी है.
पहले चरण में देशी शराब दुकान बंद करने के साथ साथ दुकानों की संख्या कटौती की गयी है. खगड़िया जिले में अभी 93 शराब दुकान हैं. जिससे कुल 32 करोड़ 21 लाख रुपये वार्षिक राजस्व उत्पाद विभाग को आता है.
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