मां ने मोबाइल छीना तो बेटे ने लगा ली फांसी

Published at :05 Jan 2016 11:09 PM (IST)
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मां ने मोबाइल छीना तो बेटे ने लगा ली फांसी

मां ने मोबाइल छीना तो बेटे ने लगा ली फांसीमोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के लालूचक बसंत विहार कॉलोनी में रहनेवाले छात्र अभिषेक राज ने खुद को फंदे पर लटकायाअभिषेक राज डीपीएस के बाद आर्यभट्ट स्कूल से पढ़ाई कर रहा थाइस बार इंटर का एग्जाम देने वाला था अभिषेक राजमौसी ने बताया, पढ़ाई को लेकर मां ने […]

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मां ने मोबाइल छीना तो बेटे ने लगा ली फांसीमोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के लालूचक बसंत विहार कॉलोनी में रहनेवाले छात्र अभिषेक राज ने खुद को फंदे पर लटकायाअभिषेक राज डीपीएस के बाद आर्यभट्ट स्कूल से पढ़ाई कर रहा थाइस बार इंटर का एग्जाम देने वाला था अभिषेक राजमौसी ने बताया, पढ़ाई को लेकर मां ने डांटा था, मोबाइल भी छीन लिया थाअभिषेक के पिता अशोक चौरसिया राजस्थान में इंजीनियर हैंफोटो आशुतोषवरीय संवाददाता, भागलपुरमोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के लालूचक बसंत विहार कॉलोनी में रहनेवाले आर्यभट्ट स्कूल के इंटर के छात्र अभिषेक राज ने फांसी लगा कर जान दे दी. अभिषेक राज सोमवार की रात पंखे में बिजली का तार बांध कर फंदे से लटक गया. मंगलवार की शाम उसके फांसी लगा लेने की खबर मिलते ही पुलिस पहुंची और अभिषेक के परिजनों के सामने उसे फंदे से नीचे उतारा गया. अभिषेक के कमरे से पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला है.मां ने पढ़ाई को लेकर डांटा था और मोबाइल छीन ली थीअभिषेक राज के फांसी लगाये जाने के बाद उसकी मौसी ने बताया कि सोमवार को वह एकदम ठीक था और खुश भी था. सोमवार को ही अभिषेक को उसकी मां ने पढ़ाई को लेकर डांटा था. वह मोबाइल पर ज्यादा समय दे रहा था इसलिए उसका मोबाइल भी मां ने छीन लिया था. अभिषेक के परिजनों ने बताया कि उसने दिल्ली पब्लिक स्कूल से पढ़ाई करने के बाद आर्यभट्ट में एडमिशन लिया था और इस बार वह इंटर का एग्जाम देने वाला था.बेटे काे डांट कर बहन के यहां चली गयी थी मांअभिषेक की मौसी ने बताया कि सोमवार की शाम में अभिषेक ने मोटर चलाया था और वह कहीं से भी परेशान नहीं दिख रहा था. सोमवार को डांटने और मोबाइल छीनने के बाद अभिषेक की मां कैलाशपुरी में रहनेवाली अपनी बहन के यहां चली गयी थी. मंगलवार को उसके लौटने के बाद भी जब अभिषेक के कमरे का दरवाजा बंद मिला तो वेंटिलेटर से झांक कर देखा तो अभिषेक फंदे से लटका दिखा. उसने अंदर से दरवाजा बंद कर रखा था.बहुत मुश्किल से कमरे में घुसेअभिषेक ने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर फांसी लगायी थी. दरवाजा इतना मजबूत था कि उसे बाहर से तोड़ पाना सभी के लिए मुश्किल साबित हो रहा था. मोजाहिदपुर इंस्पेक्टर मनोरंजन भारती वहां पहुंचे और पुलिस ने अभिषेक के परिजनों को कमरे के पीछे वाली खिड़की को तोड़ने में मदद की. अभिषेक के मौसा कमरे में घुसे और उन्होंने अंदर से दरवाजे में लगे ताला को तोड़ा.पिता रहते हैं राजस्थान में, दादा-दादी पहुंचे गांव सेअभिषेक राज के पिता अशोक चौरसिया राजस्थान में किसी प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं. अभिषेक भाई में अकेले था. उसकी एक मात्र बड़ी बहन दिल्ली में रह कर पढ़ाई कर रही है. अभिषेक के फांसी लगाने की खबर मिलते ही उसके पैतृक गांव गोगरी जमालपुर के मलिया से उसके दादा-दादी यहां पहुंचे. सभी कह रहे थे कि अभिषेक शांत स्वभाव का लड़का था. उसके कमरे और पूरे घर के रख रखाव को देख कर लगता है कि वह सुखी संपन्न घर से ताल्लुक रखता था.चर्चा यह भी थीआस-पास के लोगों के बीच यह भी चर्चा थी कि बेटे को डांटने के बाद मां अपनी बहन के यहां कैसे चली गयी. लोगों के बीच यह भी चर्चा थी कि अभिषेक तीन दिन से अपने कमरे में बंद था. हालांकि सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ पायेगी.

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