डीपीओ ने की सीडीपीओ पर लगे आरोपों की जांच

खगड़िया : बाल विकास परियोजना पदाधिकारी परबत्ता के खिलाफ लगाये गये आरोपों की जांच सोमवार को डीपीओ ने की. हालांकि पूछताछ में आंगनबाड़ी सेविकाओं ने वसूली के आरोपों से इनकार किया. गौरतलब है कि परबत्ता में प्रति आंगनबाड़ी केंद्र 1500 रुपये अवैध उगाही के आरोप के मामले में सीडीपीओ सहित दो महिला पर्यवेक्षिका सवालों के […]
खगड़िया : बाल विकास परियोजना पदाधिकारी परबत्ता के खिलाफ लगाये गये आरोपों की जांच सोमवार को डीपीओ ने की. हालांकि पूछताछ में आंगनबाड़ी सेविकाओं ने वसूली के आरोपों से इनकार किया. गौरतलब है कि परबत्ता में प्रति आंगनबाड़ी केंद्र 1500 रुपये अवैध उगाही के आरोप के मामले में सीडीपीओ सहित दो महिला पर्यवेक्षिका सवालों के घेरे में है.
आरोप है कि परबत्ता में दोनों महिला पर्यवेक्षिका के माध्यम से प्रति केंद्र वसूली की जाती है. सूत्रों की मानें तो अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों का हाल बुरा है. आरोप है कि कागजों पर निरीक्षण रिपोर्ट सौंप कर सरकारी राशि की बंदरबांट कर ली जाती है. शिकायत के बाद डीएम साकेत कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए बाल विकास परियोजना विभाग के डीपीओ सियाराम सिंह को पूरे मामले की जांच कर प्रतिवेदन तलब किया है.
इसी के आलोक में सोमवार को डीपीओं ने जांच की.परबत्ता प्रतिनिधि के अनुसार, प्रखंड मुख्यालय में सोमवार को बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के खिलाफ लगाये गये आरोपों की जांच करने के क्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सियाराम सिंह ने प्रखंड की सभी सेविकाओं के साथ स्वयं सहायता समूह भवन में बैठक की.
मौके पर उपस्थित करीब सौ सेविकाओं ने लिख कर दिया कि उनसे बाउचर को पास करने तथा क्रय पंजी के सत्यापन में किसी तरह की राशि नहीं ली जाती है. प्रखंड के एक आवेदक ने डीएम को लिखित आवेदन देकर सीडीपीओ पर बाउचर पास करने में प्रति आंगनबाड़ी केंद्र 15 सौ रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया था.
इन आरोपों पर संज्ञान लेते हुए डीएम साकेत कुमार ने डीपीओ को मामले की जांच करने का आदेश दिया था. इस अवसर पर डीपीओ ने सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को सरकारी भवन में संचालित करने का निर्देश दिया. उन्होंने सीडीपीओ को सख्त निर्देश दिया कि सरकारी भवन उपलब्ध होने के बावजूद यदि सेविका द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र को उसमें संचालित नहीं किया जाता है,
तो इस परिस्थिति में सेविका का मानदेय तथा पोषाहार दोनों की राशि को बंद कर दिया जाये. डीपीओ ने केन्द्र संख्या 6 , 25 तथा 114 की सेविका को ढूंढने का प्रयास किया. पर, इस बैठक में ये तीनों अनुपस्थित थीं. डीपीओ ने कार्यालय का निरीक्षण भी किया और कई चीजों पर असंतोष जताया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




